शुभम रावत-
नूंह: हरियाणा के नूंह में हुई साम्प्रदायिक हिंसा को करीब एक महीने हो रहे हैं। अब एक बार फिर जिले में इंटरनेट संस्पेंड कर दिया गया है।प्रशासन को डर है कि भीड़ को एकत्रित करने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओंका दुरुपयोग किया जा सकता है।
31 जुलाई को हुई नूंह हिंसा ने पूरे राज्य को जला दिया था। फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत कई जिलों में काफी दिनों तक माहौल बेहद खराब रहा।नूंह में सांप्रदायिक झड़पों के दौरान छह लोग मारे गए थे जबकि 88 घायल हो गए थे।हालात को किसी तरह से काबू में किया गया। साथ ही आरोपियों की धर-पकड़ भी हुई। इसके अलावा हिंसा के दौरान जिन घरों से पथराव किए गए थे उन्हें मनोहर सरकार के बुलडोजर ने जमीदोंज कर दिया था। अब एक बार फिर प्रदेश को हिंसा की आशंका नजर आ रही है।
2 दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद
दरअसल हिंदू संगठनों ने 28 अगस्त को नूंह में धार्मिक जुलूस निकालने का ऐलान किया है।विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने 31 जुलाई को पथराव के कारण बाधित हुए जुलूस को फिर से शुरू करने के लिए विस्तृत योजना बनाई है।वहीं पुलिस ने इस जुलूस को रद्द करने के लिए अपील की थी,लेकिन धार्मिक संगठनों ने इसे रद्द नहीं किया। जिसके बाद प्रशासन नेकानून और व्यवस्था की चिंताओं के कारण नूंह में मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाओं को 2 दिनों तक बंद करने का फैसला किया है।
अफवाहों को रोकने के लिए पाबंदी
राज्य के गृह विभाग ने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए नूंह जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क एसएमएस (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और सभी डोंगल सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी।