Chandrayaan-3 landing: भारत ने रचा इतिहास, चंद्र मिशन हुआ कामयाब

शुभम रावत-

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इतिहास रच दिया है।चंद्रमा मिशन सफलतापूर्वक सफल हो गया है।चंद्रयान-3 चांद पर सुरक्षित लैंड हो गया है।चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद पर लैंड हुआ।

भारत ने रच दिया इतिहास

इतिहास के पन्नों पर भारत ने एक और सुनहरा अध्याय लिख दिया। चंद्रयान-3 नेचांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर ली है। भारत यह सफलता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है।चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के पीछे वैज्ञानिकों की मेहनत के साथ-साथ करीब 140 करोड़ लोगों की प्रार्थना ने इसरो के इस मिशन को सफल बना दिया है।

ऐसे हुई चंद्रयान-3की लैंडिंग

विक्रम लैंडर 25 किलोमीटर की ऊंचाई से चांद पर उतरने की यात्रा शुरू की। अगले स्टेज तक पहुंचने में उसे करीब 11.5 मिनट लगे। इस दौरान विक्रम ने 7.4 किलोमीटर की ऊंचाई तय की।7.4 km की ऊंचाई पर पहुंचने तक इसकी गति 358 मीटर प्रति सेकेंड थी। इसके बाद अगला पड़ाव 6.8 किलोमीटर था।6.8 km की ऊंचाई पर गति कम करके 336 मीटर प्रति सेकेंड हो गई थी। इससे अगला स्टेज 800 मीटर पर था।

800 मीटर की ऊंचाई पर लैंडर के सेंसर्स चांद की सतह पर लेजर किरणें डालकर लैंडिंग के लिए उचित जगह खोजने लगे।150 मीटर की ऊंचाई पर लैंडर की गति 60 मीटर प्रति सेकेंड थी। मतलब 800 से 150 मीटर की ऊंचाई के बीच। इसके बाद60 मीटर की ऊंचाई पर लैंडर की स्पीड 40 मीटर प्रति सेकेंड थी। यानी 150 से 60 मीटर की ऊंचाई के बीच। इसके बादविक्रम लैंडर की स्पीड10 मीटर की ऊंचाई पर 10 मीटर प्रति सेकेंड थी। इसके बादचंद्रमा की सतह पर उतरते समय यानी सॉफ्ट लैंडिंग के लिए लैंडर की स्पीड 1.68 मीटर प्रति सेकेंड थी।

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