Himachal Landslide: भारी बारिश और लैंडस्लाइड से 74 लोगों की मौत, सीएम सुक्खू ने किया वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा

शुभम रावत-

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का भयंकर कहर जारी है। मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते अब तक 74 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रकृति का यह भयंकर रूप देखकर लोग कांप उठे हैं।

पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश के चलते लैंडस्लाइड का भयंकर मंजर जारी है। हिमाचल में कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं। भूस्खलन और भारी बारिश की चपटे में आने सेराज्य के कई इलाकों में हालात बहुत बुरे हैं।शिमला में समर हिल में स्थित शिव मंदिर, फागली और कृष्णनगर में हुए लैंडस्लाइड की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

शिमला के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। कुछ इलाकों मेंरेस्क्यू टीम का वहां पहुंचना संभव नहीं है। ऐसी जगहों पर लोगों को एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू किया जा रहा है।NDRF, सेना, लोकल पुलिस, होम गार्ड और SDRF की टीमें साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए आर्मी और एयर फोर्स की मदद भी ली जा रही है।

पश्चिमी वायु कमान के हेलीकॉप्टरों ने दो दिनों में 50 से ज्यादा उड़ानें भरीं और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 780 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया।भयंकर भूस्खलन के चलते प्रदेश के कई हाईवे और सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है।

सीएम सुक्खू ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नेगुरुवार को मंडी जिले के वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने राहत-बचाव टीम से संपर्क करके हालात का जायजा भी लिया। इससे पहले उन्होंनेहिमाचल में इस तबाही के मंजर के लिए खराब स्ट्रक्चर और अंधाधुंध निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया।सीएम ने कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे को फिर से विकसित करने में एक साल का समय लगेगा,भविष्य के लिए सख्त निर्माण नियम बनाए जाएंगे।उन्होंने बताया है कि इस प्राकृतिक आपदा से अब तक राज्य में 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *