शुभम रावत-
इंफाल:मणिपुर में हिंसा के दौरान शुक्रवार कोपुलिस के हथियार लूटने की खबर आई थी। पुलिस ने बताया कि घाटी के जिलों मेंगोला-बारूद और हथियार जब्त किए गए है। जबकि उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मणिपुर में 3मई से चल रही दो समुदाय के बीच जातीय हिंसा की आग थमने का का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा में कई लोगों को जिंदा जलाया गया। जबकि कई महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। प्रदेश में 3 महीने से माहौल बेहद खराब है।
हथियार बरामद किए गए-मणिपुर पुलिस
प्रदेश के बिष्णुपुर जिले में उपद्रवियों ने शुक्रवार को जमकर आतंक मचाया। उग्रवादियों ने पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने नारानसेना स्थित द्वितीय इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के मुख्यालय में घुसकर सरकारी हथियार भी लूट ले गए थे। पुलिस का कहना है कि इन हथियारों को बरामद कर लिया गया है।
शनिवार को भी हथियार छीनने का प्रयास
मणिपुर पुलिस के अनुसारघाटी के जिलों में 1057 हथियार और 14201 गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। वहीं, पहाड़ी जिलों में 138 हथियार और 121 गोला-बारूद जब्त किए गए।पुलिस विभाग का कहना है कि 3अगस्त की घटना में सुरक्षाबल 15 हथियार बरामद करने में सफल रहे।इंफाल-पश्चिम जिले के लिलोंग चाजिंग में तौपोकपी पुलिस चौकी पर कल एक पुलिस टीम से हथियार छीनने की कोशिश की गई। हालांकि, पुलिस सतर्क हो गई और वे पीछा कर सभी 4 हथियार बरामद कर सके।
दरअसल, ये मामला बिष्णुपुर जिले के नारानसीनाकी है जहां उग्रवादियों ने शुक्रवार की रात हत्या और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उग्रवादियों की भीड़ ने शस्त्रागार में घुसकर हथियारों की लूटपाट की। इस दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, उग्रवादियों ने एके और घातक सीरीज की राइफल और अलग-अलग बंदूकों की 19 हजार से अधिक गोलियां (बुलेट्स) लूट लीं थी।