शुभम रावत-
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को संसद के मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पेश करेंगे। केंद्र की मोदी सरकार के इस बिल को लोकसभा में मंजूरी मिल चुकी है।
कल राज्यसभा में पेश होगा दिल्ली सेवा विधेयक
कांग्रेस समेत विपक्षी एकता की मुहिम से दूरी बनाने वाले दलों बीजेडी, टीडीपी, वाईएसआरसीपी ने उच्च सदन में विधेयक का समर्थन करने का ऐलान किया है। इसके अलावा मायावती सुप्रीमो बहुजन समाज पार्टी ने राज्यसभा में मतदान से अनुपस्थित रहने का फैसला किया है। इन दलों के समर्थन के बाद उच्च सदन में भी विधेयक के पारित होने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 3 अगस्त कोदिल्ली सेवा विधेयक को लोकसभा में पेश किया था।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित कर दिया गया था।इस दौरान अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का विरोध जवाहर लाल नेहरू, अंबेडकर औरसरदार वल्लभभाई पटेल ने भी किया था।
अमित शाह ने कहा था कि, जब विधेयक पेश किया गया तो कुछ विरोध हुआ। विधायी क्षमता पर सवाल उठाया गया। कहा गया कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि,मैं विपक्षी सांसदों से कहना चाहता हूं कि आपने वही पढ़ा है जो आपके अनुकूल हो। आपको निष्पक्षता से सारी बातें सदन के सामने रखनी चाहिए। केंद्र को दिल्ली के संबंध में कानून बनाने का पूरा अधिकार है।
क्या कहता है यह विधेयक ?
विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम में संशोधन कर अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण पर फैसला लेने के लिए प्राधिकरण बनाने का प्रावधान है। प्राधिकरण में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी शामिल किया गया है। हालांकि, इस मामले में फैसला लेने का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल को दिया गया है।