शुभम रावत-
मणिपुर: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की आग भड़क उठी है। शुक्रवार की रात को उपद्रवियों ने जमकर बवाल काटा। कई घरों में आगजनी की हिंसा को अंजाम दिया गया। इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई।
स्नाइपर और कमांडो तैनात
मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई दो समुदायों के बीच हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।बीती रात विष्णुपुर में 3 स्थानीय लोगों की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पहाड़ी इलाकों से आए ड्रोन को पुलिस और स्थानीय हथियारबंद ग्रामीण मार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात देखते हुए सीमा पर स्नाइपर और कमांडो तैनात किए गए हैं।
चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी
चार महीने से मणिपुर में लगी हिंसा की आग दिन-प्रतिदिन और बढ़ती जा रही है। प्रदेश में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। 3 लोगों की हत्या के बाद एक बार फिर राज्य के हालात बिगड़ गए हैं। पूरे प्रदेश में भारी पुलिस फोर्स तैनात है। उप्रदियों से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कमांडो की हालत गंभीर
मणिपुर में यह गोलीबारी कुकी बहुल पहाड़ी इलाके से हो रही है। जानकारी के मुताबिक इन इलाकों से बम और ड्रोन से हमला किया जा रहा है। इस हमले मेंएक कमांडो को हेड इंज्यूरी हुई है। उन्हें बिष्णुपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां जवान की हालत नाजुक बनी हुई है।यहां अर्द्ध सैनिक बलों को तैनात किया गया है।
गौरतलब है किकुकी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला है, लेकिन मैतेई अनूसूचित जनजाति का दर्जा मांग रहे हैं।नागा और कुकी समुदाय का कहना है कि सारे विकास की सुविधा मूल निवासी मैतेई ले लेते हैं। इसी को लेकर दोनों समुदाय के बीच विवाद चल रहा है।