बीजिंग: देश की राजधानी दिल्ली के यमुना में आई बाढ़ के कारण जहां कई लोगों की जिंदगी सड़क पर आ गई है। वहीं अब भारत का पड़ोसी देश चीन में सिर्फ चार दिन से हो रही भारी बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। राजधानी बीजिंग में आई बाढ़ से अब तक 20 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी। वहीं 27 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। वहां के मौसम विभाग के मुताबिक, अन्य दिनों के मुकाबले बुधवार को यानी आज सबसे घातक बारिश देखी गई।
बारिश ने तोड़ा 14 दशक का रिकॉर्ड
बताया जा रहा है कि ऐसी बारिश 140 साल पहले हुई थी। चीन में बाढ़ ने इस बार 14 दशक का रिकॉर्ड तोड़ा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भीषण बारिश के कारण देश का अधिकतम हिस्सा जलमग्न हो गया है। सड़कें लबालब हो गई हैं, रेलवे स्टेशनों तक जलजमाव हो गया है जिसके कारण राजधानी सहित अन्य कुछ जगहों पर ट्रेन का संचालन रोक दिया गया है। 400 से अधिक उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं। कुछ जगहों पर हालत ऐसी है कि पेड़ गाड़ियां और मकान पत्ते की तरह पानी में बह रहे हैं।
डोकसूरी तूफान के कारण आई बाढ़
दरअसल, यह बाढ़ तूफान डोकसूरी के कारण आई है जो उत्तरी चीन में पिछले एक दशक में आया सबसे बड़ा तूफान है। इस तूफान के कारण आई बाढ़ से राजधानी बीजिंग और अन्य क्षेत्रों में सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। फैंगशान जिले में तो हेलिकॉप्टर से लोगों को खाना और पानी दिया जा रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सभी स्थानीय प्रशासनों को निर्देश दिया है कि हर संभव मदद की जाए और लोगों को बचाया जाए।
जगह-जगह से रेस्क्यू किए जा रहे लोग
बता दें कि सिर्फ राजधानी बीजिंग में मारे जाने वाले 20 लोगों के अलावा हेबेई प्रांत में भी 9 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 5 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित किया गया है। इसके अलावा शांसी प्रांत से 42, 211 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बीजिंग के पास तियानजिन इलाके में 35 हजार लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकाला गया है। बीजिंग और उसके आसपास बिजली, पानी और संचार की लाइनें खत्म हो गई हैं।
रेस्क्यू के लिए 123 करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड जारी
हालांकि अभी भी हालात सुधरने के बजाय बिगड़ने की आशंका जताई गई है। चीन के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अभी और बाढ़ या फ्लैश फ्लड आ सकता है। इससे लैंडस्लाइड भी हो सकता है। अब तक डोकसूरी तूफान की वजह से 27 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। वहीं 18 हजार मकान ध्वस्त हो चुके हैं। चीन के वित्त मंत्रालय ने बीजिंग-तियानजिन-हेबेई इलाके में रेस्क्यू के लिए 123 करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड जारी किया है।