CM Nayab Saini handed over appointment letters: हरियाणा के मेवात क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नूंह की अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मेवात कैडर के 1054 नव-नियुक्त प्राथमिक (PRT) शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि नए शिक्षकों की तैनाती से क्षेत्र में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात बेहतर होगा और प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उन्होंने कहा कि वीर हसन खां मेवाती की शौर्य भूमि पर इतना बड़ा आयोजन होना मेवात के लिए गर्व की बात है। कार्यक्रम के दौरान नव-नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा से संबंधित 22 स्टॉल की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल को बढ़ाने के लिए एलईडी स्क्रीन पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया।
90 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले 70 छात्रों को सम्मान
मुख्यमंत्री सैनी ने मेवात के विद्यार्थियों के लिए भी कई घोषणाओं और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 70 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ‘मुख्यमंत्री मेवात छात्र प्रतिभा सम्मान योजना’ के तहत 39 लाख 90 हजार रुपये की सम्मान राशि जारी की गई है। पिछले साल ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 40 थी, जो इस बार बढ़कर 70 हो गई। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री मेवात पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ के तहत 1364 विद्यार्थियों को 52 लाख 44 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी जारी की गई।
450 स्कूलों के सुधार के लिए 200 करोड़ जारी
सीएम नायब ने कहा कि जिले के 450 स्कूल भवनों की डीपीआर तैयार हो चुकी है और सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन स्कूलों के सुधारीकरण पर कुल 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ‘निपुण हरियाणा’ के तहत शिक्षकों के दो प्रशिक्षण चरण पूरे हो चुके हैं और अगले महीने करीब 32 हजार PRT शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेवात कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा माना जाता था, लेकिन अब यहां के बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। शिक्षा और रोजगार को मजबूत करने से क्षेत्र में नया शैक्षणिक बदलाव आ रहा है।
शिक्षकों को दिए पांच संकल्प
नव-नियुक्त शिक्षकों से मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपनी नियुक्ति को कठिन पोस्टिंग नहीं, बल्कि परिवर्तन की पोस्टिंग मानें। उन्होंने शिक्षकों से खेल, कहानी, चित्र, गतिविधियों और स्थानीय उदाहरणों के जरिए पढ़ाई को रोचक बनाने की अपील की। साथ ही बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय बोली का सम्मान करने तथा कक्षा में सवाल पूछने को प्रोत्साहित करने की बात कही।
उन्होंने शिक्षकों से पांच संकल्प लेने को कहा हर बच्चे को अपना बच्चा मानना, किसी बच्चे को सीखने में पीछे नहीं छूटने देना, समय और ईमानदारी से स्कूल जाना, अभिभावकों व समाज को शिक्षा से जोड़ना और अपने आचरण से बच्चों को अच्छी बातें सिखाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन है और डिजिटल सामग्री सीखने को आसान बना सकती है, लेकिन शिक्षक की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है। मानवीय संबंध और संस्कारों को शिक्षा में हमेशा केंद्र में रखना जरूरी है।