नितिन उपाध्याय
Manipur Viral Video:मणिपुर हिंसा में अब तक दो जाति आपस में लड़ रही थी लेकिन हिंसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने मानवता के माथे पर कलंक लगाने का काम किया है। यह घटना इतनी भयावह है कि मानव होने के नाम पर शर्मिंदगी महसूस होने लगती है। इस वीडियो ने पूरे देश को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। पीएम मोदी ने इस घटना को पूरे देश का अपमान बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में उन्मादी भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमा रही है। इतना ही नहीं पीड़ित महिलाओं को यौन प्रताड़ना दी जा रही है। कलंकित करने वाली इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद हर किसी का कलेजा मुंह को आ जाता है।
3 मई को मणिपुर में हिंसा शुरू हुई थी और यह वायरल वीडियो चार मई का बताया जा रहा है।हैरत की बात यह है कि बर्बरता की हदें पार देने वालेवीडियो को लेकर पुलिस ने महीनेभर बाद एफआईआर दर्ज की। बता दें कि चार मई को बेकाबू हजारों की भीड़ ने एक गांव पर हमला किया था और महिलाओं को कपड़े उतारने को मजबूर किया था। साथ ही हत्याएं की थीं लेकिन बड़ी मुश्किल से दो महिलाएं उस भीड़ से जान बचाकर भागने में कामयाब हुई थीं।
इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को एक-एक जानकारी दी थी। जबकि, महीनेभर बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। यह हैरत में डालने वाली बात है। बुधवार को सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ। घटना मणिपुर के थोबल जिले की बताई गई है। यह जिला मैतेई बहुल माना जाता है। पुलिस में 18 मई को शिकायत करने के बाद 21 जून को एफआईआर दर्ज हुई।
मामले पर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन में अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम खुयरूम हेरादास है, जिसने वायरल वीडियो में हरी टी-शर्ट पहन रखी है।
पीड़िताओं के शिकायत के मुताबिक, पुलिस में बताया था कि चार मई को दोपहर करीब 3 बजे के समय अज्ञात लोगों ने उनके गांव पर हमला बोल दिया था। उन्मादी भीड़ की संख्या हजारों में थी। ये हमलावर मैतेई समुदाय से जुड़े थे। भीड़ ने गांव पर हमला कर घरों में आग लगा दी और नकदी और गहने समेत कीमती सामान को लूट लिया।
हमले के बाद तीन महिलाएं अपने पिता और भाई के साथ जंगल की ओर भागी। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें उन्मादी भीड़ स बचा लिया। पुलिस उन्हें थाने लेकर जा ही रही थी कि भीड़ ने रास्ता रोक लिया और पुलिस से उन महिलाओं और उनके पिता-भाई को छीन लिया।
उन्मादी भीड़ ने पुलिस के सामने ही उन महिलाओं के पिता की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों महिलाओं को कपड़े उतारने को मजबूर किया। इन महिलाओं की उम्र 21 साल, दूसरी की 42 साल और तीसरी की 52 साल थी।
पीड़िताओं ने शिकायत में बताया गया कि भीड़ ने जबरदस्ती उन तीनों को कपड़े उतारने को मजबूर किया और निर्वस्त्र करके भीड़ के सामने चलने के लिए मजबूर किया। इस दौरानभीड़ ने 21 साल की लड़की के साथ दिनदहाड़े सामूहिक दुष्कर्म किया। जब उसके भाई ने बचाने की कोशिश की तो भीड़ ने उसे मार दिया। इस पूरी दर्दनाक घटना की गूंज संसद में भी सुनाई दे रही है। आज मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस पूरे देश का अपमान बताया। कहा कि किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।