पटना: पटना के एमपी/ एमएलए अदालतने राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC) आजाद गांधी को एक अपराधिक मामले में पांच साल छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। अदालत के विशेष जज संगम सिंह ने पूर्व एमएलसी को यह सजा सुनाई। इसके साथ ही उन्होंने गांधी के कृत्य की दुर्दांत अपराधी से तुलना भी की।
दरअसल, जिस मामले में आजाद गांधी को सजा सुनाई गई है वह गांधी मैदान थाना कांड संख्या 361/2007 से जुड़ा है। इस मामले में पटना की एमपी/ एमएलए कोर्ट ने सजा अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग व्यतीत करने का निर्देश दिया है। गांधी को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि एमएलसी, जो सदन में कानून का निर्माण करते हैं और समाज के एक जिम्मेदार व्यक्ति होते हैं, लेकिन इस तरह का कृत्य एक दुर्दांत अपराधी के कृत्य के समान है।
गांधी पर ये था आरोप
बता दें कि पूर्व एमएलसी आजाद गांधी पर ये आरोप था कि उन्होंने वर्ष 2007 में अपने 40-50 समर्थकों के साथ वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए चुनाव कार्यालय में हंगामा किया। इसके साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों के साथ मारपीट भी की थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात लोगों ने गवाही दी है। जिसके बाद कोर्ट ने आज आजाद गांधी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है।