नई दिल्लीःपाकिस्तान से बिना वीजा भारत आई सीमा हैदर की प्यार कहानी आजकल काफी चर्चा में है। फिलहाल सीमा हैदर मामले की जांच यूपी एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की टीम कर रही है। हालांकि, मामले में अब तक कुछ साफ नहीं हुआ है। इस बीच गुरुवार को सीमा हैदर मामले में केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है।
विदेश मामलों के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हमें मामले की जानकारी है और हम इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा हैदर को अदालत के सामने पेश किया गया था और अब वह जमानत पर बाहर है। उन्होंने कहा कि मामले में कोई बड़ी जानकारी मिलते ही मीडिया से साझा की जाएगी।उधर, नेपाल के रास्ते भारत आई सीमा हैदर का कहना है कि पबजी खेलते हुए ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में रहने वाले सचिन के साथ वह संपर्क में आई थी। इसके बाद दोनों में प्यार हो गया। अपने प्यार को पाने के लिए वह अवैध तरीके से भारत में दाखिल होकर सचिन से मिलने रबूपुरा आई।
क्या है डिपोर्ट करने की प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर को वापस पाकिस्तान भेजा जा सकता है। क्योंकि वह अवैध रूप से पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास भारत में आने के लिए कोई वीजा नहीं था। सीमा अपने साथ चार बच्चों को भी अवैध तरीके से भारत में लेकर आई है। हालांकि, इससे पहले जांच एजेंसियां सभी तरह की पूछताछ कर लेना चाहती हैं। भारत में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिक की पहचान और उसे डिपोर्ट यानी वापस भेजने का फैसला इमिग्रेशन विभाग के जरिए गृह मंत्रालय लेता है। इसकी एक प्रक्रिया है और यह काम फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर करता है। अवैध रूप से रहने वाले प्रवासियों को पहले गिरफ्तार किया जाता है। इसके बाद ऐसे लोगों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के समक्ष पेश किया जाता है, जहां से इन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने का आदेश जारी होता है। इसके बाद इन्हें इनके देश डिपोर्ट करने में 15 से 60 दिन तक लग जाते हैं।