शिमला: देश के कुछ हिस्सों में पानी की कमी पूरी नहीं हो पा रही है तो कुछ हिस्सों में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। अभी दिल्ली और हरियाणा की हालत तो खराब है कि लेकिन हिमाचल प्रदेश की हालत और भी ज्यादा गंभीर नजर आ रही है। दरअसल, किन्नौर जिले के कामरू और टोंगचे नाला में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। हालांकि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बाढ़ से उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को देखते हुए किन्नौर जिले में स्कूल 22 जुलाई तक बंद कर दिए गए हैं।
भारी बारिश के कारण गंभीर भूस्खलन और बाढ़ के कारण किन्नौर जिले के उपायुक्त ने आज से 22 जुलाई तक स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया गया है।किन्नौर जिला के उपायुक्त ने ट्वीट कर कहा कि किन्नौर जिले के उप-मंडल निचार और तहसील सांगला के सभी सरकारी/निजी स्कूल, प्री-स्कूल, आंगनवाड़ी अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के कारण 20 से 22 जुलाई तक बंद रहेंगे।
आपको बता दें कि बादल फटने के कारणआई भयानक बाढ़ में 12 परिवारों के सेब के बगीचे पूरी तरह तबाह हो गए। इसके अलावा गाड़ियां और मोटरसाइकिल भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। बाढ़ आने से टापरी के नजदीक रूनग नाला में नेशनल हाईवे-5 अवरुद्ध हो गया है। वहीं झाकड़ी के समीप ब्रोनी नाले में जलस्तर बढ़ने से भी नेशनल हाईवे-5 पर यातायात पूरी तरह से ठप है।