पटना: हिंदुस्तानी आवाम मार्चा (HAM) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अब नीतीश कुमार से पूरी तरह अगल हो गए हैं। आज पटना में हम की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई थी जिसमें महागठबंधन से पार्टी का समर्थन वापस लेने पर सहमति बनी है। पार्टी ने नीतीश कुमार सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने कहा कि समर्थन वापसी का पत्र सौंपने के लिए राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने का समय मांगा गया है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने कहा कि वो राज्यपाल के पास समर्थन वापसी का पत्र सौंपेंगेऔर फिर वो और उनके पिता जीतन राम मांझी आज दिल्ली जाएंगे। दिल्ली में वे एनडीए के नेताओं से मुलाकात करेंगे और नई संभावनाओं पर विचार करेंगे। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। संतोष सुमन ने दावे के साथ कहा कि हमारे लिए सभी विकल्प खुले हैं और सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि कोई भी फैसला लेने से पहले हम पार्टियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
गौरतलब है कि चार विधायकों के साथ HAM पिछले साल महागठबंधन में शामिल हो गई थी।लेकिन पिछले हफ्ते संतोष कुमार सुमन ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। वे नीतीश कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री थे। उनके इस्तीफे के बाद सोनबरसा से विधायक रत्नेश सदा को मंत्री बनाया गया। बता दें कि 243 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के करीब 160 विधायक हैं। इसमें जद (यू), राजद और कांग्रेस के अलावा तीन वामपंथी दल शामिल हैं।