कोलकाता: म्यांमार और बांग्लादेश के बाद चक्रवाती तूफान मोका अब भारत के कई राज्यों में दस्तक दे चुका है। म्यांमार के तट से टकराने के बाद भारत के पूर्वी राज्यों पर इसका असर दिखना शुरु गया है। पश्चिम बंगाल में जहां तूफान के कहर से 9 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टी के कारण सैकड़ों लोगों के आशियाने उजड़ गए हैं। इसके साथ ही मेघायल, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा सहित अन्य कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
9 की मौत, 236 घर तबाह
बता दें कि सोमवार रात पश्चिम बंगाल और मिजोरम में तेज आंधी के साथ बारिश आई। इस दौरान 84 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली जिसके कारण कोलकाता और साउथ बंगाल के 41 गांवों और कस्बों के 5,789 लोग प्रभावित हुए हैं। तूफान के कोहराम से कुछ जिलों में अब तक 9 लोगों के मौत की पुष्टी हुई है। इसके अलावा लगभग 236 घर तबाह हुए हैं।
8 म्यांमार रिफ्यूजी कैंप नष्ट
स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, तूफान का कोहराम इतना भयानक रहा कि राज्य के दक्षिणी हिस्से में आठ म्यांमार रिफ्यूजी कैंप नष्ट हो गए। तूफान के भयानक रूप को देखते हुए 708म्यांमार रिफ्यूजी को स्कूलों और कम्यूनिटी हॉल जैसे सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, म्यांमार की सीमा से सटा सियाहा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
ट्रेनें और फ्लाइट्स प्रभावित
84 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी के चलते कोलकाता में लगभग 25 पेड़ गिरे, सात कारें और एक बाइक को नुकसान हुआ, फ्लाईओवर पर एक ट्रैफिक सिग्नल पोस्ट उखड़ गया। वहीं, तेज रफ्तार से चली हवा के कारण कम से कम पांच फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया और 12 हवाईजहाज देरी से उड़ान भरी। इसके अलावा 4 घरेलू उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। पटरी पर पेड़ गिरने के कारण ट्रेनें भी प्रभावित हुई।