शिमला: हिमाचल ही नहीं देश में कहीं भी देखा जाए तो तबादलों की राजनीति होती रहती है। कोई अधिकारी अगर सरकार के खिलाफ जाता है तो उसका तबादला कर दिया जाता है लेकिन हिमाचल सरकार ने इस विषय पर बड़ा फैसला लेते हुए इसका अधिकार केवल सीएम के पास रख दिया है। जैसा कि अगर अब किसी भी आईएएस अधिकारी और एमृचपीएस अधिकारी का तबादला करने से पहले किसी भी विभाग को सीएम की मंजूरी लेनी होगी। यह अधिसूचना हिमाचल सरकार की और से की गई है।
फैसले का यह है कारण
जनजातीय, दुर्गम और कठिन क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए यह प्रतिबंध हटाया गया है। कुछ अधिकारी लम्बे समय से अच्छे स्थानों में काम कर रहे हैं और इसी की बजह से जनजातीय, दुर्गम क्षेत्रों में कई पद खाली चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए सीएम सुक्खू ने यह अधिसूचना जारी की है ताकि जनजातीय, दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और नए पदों के सृजन के मामलों में भी यह बैन नहीं होगा। अनुशासनात्मक, विजिलेंस मामलों, आपराधिक कार्रवाई के बाद भी तबादले किए जा सकेंगे। प्रशासनिक आधार और आवश्यक मामलों में भी तबादले होंगे।
तबादलों पर पहले से है पूर्ण प्रतिबंध
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे हैं। इस पत्र में कहा गया है कि नौ मई 2022 और 15 जुलाई 2022 के विभागीय पत्र के अनुसार प्रदेश में कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध पहले से ही लगा हुआ है।
इन अधिकारियों के होंगे तबादले
हिमाचल प्रदेश में सीमाई और अन्य क्षेत्रों में तीन साल से अधिक अवधि से डटे अधिकारियों के भी तबादले होंगे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, निगमों-बोर्डों के प्रबंध निदेशकों समेत तमाम अधिकारियों को इस संबंध में चिट्ठी भेजी गई है। इसमें चिंता जताई गई है कि सरकार के आदेशों की ठीक से अनुपालना नहीं हो रही है।