जयपुर:कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का लंबे समय से बीमारी के चलते गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने मणिपाल अस्पताल में 85 साल की उम्र में अपने जीवन की अंतिम सांस ली। वो दो बार कोरोना पॉजिटिव भी हो चुके थे। बैंसला के निधन की खबर उनके बेटे विजय बैंसला ने दी।
गुर्जरों के अधिकारों के लिए लड़ी लड़ाई
किरोड़ी सिंह बैंसला का जन्म 12 सितंबर 1940 को राजस्थान के करौली जिले के गांव मुंडिया में हुआ था। उनके पिता का नाम बच्चू सिंह था। बैंसला सेना की राजपूताना राइफल्स मेंसिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। सेना में रहते हुए 1962 के भारत-चीन और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बहादुरी से वतन के लिए जौहर दिखाया। इस दौरान वो अपनी मेहनत और कार्यकौशल के दम पद पदोन्नति करके कर्नल बन गए थे। बैंसला गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता भी थे। उन्हें लंबे समय से गुर्जरों के अधिकारों के लिए लड़ाई के अगुवा के रूप में जाना जाता रहा है। बैंसला के ही नेतृत्व में साल 2007 में राजस्थान में गुर्जरों ने बड़ा आंदोलन किया था।