नई दिल्ली: पिछले कल यानि रविवार देर शाम 7 बजे के करीब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया गया। जब से उनकी गिरफ्तारी हुई है तबसे लेकर अब तक दिल्ली हरियाणा पंजाब में जमकर हंगामा हो रहा है।
17 अगस्त को हुआ था मामला
इस मामले में सीबीआई ने 17 अगस्त को मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने 6 महीने की जांच और कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद सिसोदिया के खिलाफ ये कार्रवाई की है। इससे पहले सिसोदिया को अक्टूबर में भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
ऐसे फंसे सिसोदिया
सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को नई आबकारी नीति 2021-22 में धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी के आरोप में मनीष सिसोदिया समेत 15लोगों पर मामला दर्ज किया था। 19अगस्त को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया और आप के तीन अन्य सदस्यों के आवास पर छापा मारा। मामले में पुलिस और सीबीआई ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई स्थानों पर भी तलाशी ली है।
तलाशी में यह हुआ था बरामद
तलाशी के दौरान सीबीआई ने कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए थे। एक डिजिटल डिवाइस की जांच के दौरान एजेंसी को एक्साइज पॉलिसी ड्राफ्ट दस्तावेजों में से एक को अलग सिस्टम में ट्रेस किया जो एक्साइज डिपार्टमेंट नेटवर्क का हिस्सा नहीं था।
डिजिटल एविडेंस सीबीआई को मिले
सीबीआई ने जब इन सबको लेकर सिसोदिया से सवाल किए तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने पूछताछ के दौरान उनके खिलाफ कई सबूत रखे। इसमें कुछ दस्तावेज और डिजिटल एविडेंस थे। इन पर सिसोदिया कोई जवाब नहीं दे सके। इतना ही नहीं सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को सबूतों को नष्ट करने का भी आरोपी पाया है।