Bihar Pilitics: कारण बताओ नोटिस का सुधाकर सिंह ने दिया जवाब…5 पन्नों के जवाब में दिखे अनेकों सवाल

पटना: बिहार में जब से नीतीश सरकार बीजेपी के साथ गठबंधन से अलग हुई है तब से सियासी घमासान जारी है। एक तरफ जहां जदयू (JDU) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार हमलावर है वहीं दूसरी तरफ राजद के विधायक सुधाकर सिंह अपने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कारण बताने से अधिक अनेकों सवाल कर डाले हैं। सुधाकर सिंह का पलटकर यूं जवाब पूछना ऐसा दर्शाता है कि उन्हें अपने दिए बयानों से कोई अफसोस नहीं है बल्कि उन्होंने अपने जवाब में ये भी पूछा है कि मेरे किस बयान से राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव का उल्लंघन हुआ है?

5 पन्नों में दिया नोटिस का जवाब

पूर्व कृषि मंत्री और आरजेडी के विधायक सुधाकर सिंह ने 17 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के निर्देश पर आरजेडी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा एक पेज के कारण बताओ नोटिस का जवाब पांच पन्नों में दिया है। कारण बताओ नोटिस के जवाब में सुधाकर सिंह के टागरेट पर नीतीश कुमार और नीतीश कुमार की नीतियां रही हैं।

17 जनवरी को प्राप्त हुआ नोटिस- सुधाकर

सुधाकर सिंह अपने जवाब में भी तीखे शब्द अपनाते नजर आए हैं। उनहोंने लिखा कि मुझे कारण बताओ नोटिस वाट्सऐप के जरिए 17 जनवरी 23 को प्राप्त हुआ।आपके द्वारा भेजे गए नोटिस में यह बात रेखांकित नहीं की गई है कि मेरे द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संदर्भ में की गई किसी टिप्पणी से राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव का उल्लंघन हुआ है?

मेरे किस बयान पर भेजा गया नोटिस?- सुधाकर

नोटिस के जवाब में सुधाकर सिंह ने लिखा है- राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में स्वाभाविक तौर पर किसी अन्य राजनीतिक दल या उसके सदस्य से संबंधित न तो कोई चर्चा हुई थी और न कोई प्रस्ताव पारित हुआ था। मेरे किस बयान से निष्कर्ष के रूप में मुझे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है? अधिवेशन में दूसरे दल के नेता पर टिप्पणी से रोकने का कोई प्रस्ताव पारित किया गया था क्या?

संतुष्टि के लिए देखा रिकॉर्डिंग

सुधाकर सिंह ने लिखा है कि वह राजद के प्रति निष्ठावान हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय अधिवेशन में दूसरे दल के नेता के खिलाफ बयान नहीं देने के किसी प्रस्ताव की बात को निराधार भी बता दिया है। उन्होंने लिखा है कि मैं अधिवेशन में मौजूद था और संतुष्टि के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग भी देख लिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव आया था।

दूसरे दल पर टिप्पणी से रोक नहीं है- सुधाकर

राजद विधायक सुधाकर ने जवाब में लिखा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दल यूनाईटेड के नेता हैं और दूसरे दल के नेता पर टिप्पणी से रोक नहीं है। उन्होंने नीतीश कुमार के पुराने बयानों को भी रेखांकित कर कहा है कि यह वही हैं जो कहते रहते हैं कि 2005 के पहले लालू-राबड़ी के राज में बिहार में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। यह वही हैं जो राजद की विचारधारा से अलग कृषि का रोडमैप बनाकर मनमाने तरीके से चलाते हैं। यह वही हैं जो राजद के विधायकों को विधानसभा में पिटवाते हैं। सुधाकर ने सीधा सवाल किया कि राजद की मूल विचारधारा पर चलने के बावजूद पार्टी मेरे साथ नहीं, बल्कि मेरे खिलाफ खड़ी हुई। इसके अलावा पार्टी ने बयान को लेकर शोकॉज जारी करते समय भी जाति के कारण लक्ष्य किया।

क्यों जारी हुआ था नोटिस?

गौरतलब है कि राजद विधायक सुधाकर सिंह को नीतीश कुमार के खिलाफ विवादित बयान देने के मामले में 17 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था। दरअसल, सुधाकर सिंह ने कैमूर में नीतीश कुमार के खिलाफ अपने बयान में कहा था कि अगर किसान साथ दें तो नीतीश कुमार को टेकुआ की तरह सीधा कर दिया जाए। इस बयान के बाद से ही ये सवाल उठने लगे थे कि RJD अपने विधायक पर कार्रवाई करने से क्यों हिचक रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *