करनाल: हरियाणा के किसानों को बंजर, गैर उपजाऊ जमीन और मिट्टी में मौजूद ज़हरीले तत्व के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनकी ये सारी परेशानियां अब जल्द दूर होने वाली हैं। क्योंकि अब से सब्जी की खेती के लिए मिट्टी और जमीन की जरूरत नहीं बल्कि हवा में सब्जियां ऊगाई जाएंगी।
वर्टिकल तकनीक लाएगी खेती में नई क्रांति
हरियाणा में करनाल के घरौंडा मे इंडो इजराइल सेंटर में वर्टिकल खेती के जरिए यह संभव है। किसान अब इस तकनीक का सफलतापूर्वक इस्तोमाल कर सकेगें। इंडो इजरायल सेंटर की ओर से किसानों को इस तकनीक के लिए प्रोतसाहित किया जाएगा। इसे भविष्य की खेती कहा जा सकता हैं। राज्य के वो इलाके जहां जमीन से जुड़ी खेती की समस्या हैं, वहां वर्टिकल खेती का इस्तेमाल कर सब्जी आसानी से उगाई जा सकेगी।
सेंटर के इंचार्ज ने दी जानकारी
सेंटर के इंचार्ज सुधीर यादव ने बताया कि ऊंची बिल्डिंग की तरह अब फसलों को भी इसी तरह देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्टिकल खेती की शुरूआत सब्जी से हो रही हैं। इसके लिए अभी बेल वाली सब्जी पर सफल प्रयोग किया गया हैं, जिसमें घिया, लौकी, टमाटर, मिर्च, धनिया, खीरा, पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं।
क्या हैं वर्टिकल खेती
वर्टिकल खेती एक ऐसी तकनीक है, जिसमें छोटे-छोटे गमलों में घरों की दीवारों पर खेती की जाती है। बता दें इसी तकनीक का प्रयोग इजराइल देश के किसान करते हैं। यहां के निवासी अपने घरों के दीवारों पर छोटे-छोटे गमले इस तरह से सेट करते हैं कि ये गमले नीचे न गिरें। इन गमलों में कोई फसल उपजाने के लिए गमले को दीवारों से नीचे उतार दिया जाता है। इसके बाद इसमें फसल लगाकर इसको फिर से दीवारों पर सेट कर दिया जाता है। फसल न सूखे इसके लिए गमलों में एक उचित व्यवस्था के जरिये पानी दिया जाता है।