Women Achievers: भारत की बेटियों ने बढ़ाया देश का गौरव,सम्मान

किसी भी देश की प्रगति देखनी हो तो बस ये जान लीजिए कि वहां कि महिलाएं कितनी शिक्षित और आत्मनिर्भर हैं। विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए पुरुषों और महिलाओं का कदम से कदम मिलाकर चलना बेहद जरूरी है।

नए भारत में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैँ। राजनीति, उघोग, समाज सेवा, खेल या फिर खेती-किसानी हर क्षेत्र में भारत की महिलाओं ने अपने प्रयासों और कार्यों से देश का झंडा ऊंचा कर दुनियाभर में सम्मान हासिल किया है।

सूर्या समाचार आज से एक सीरीज शुरू कर रहा है। जिसमें आपकों उन सशक्त महिलाओं के बारे में बताया जाएगा है, जिन्होंने साल 2022 में अपने कौशल से इतिहास रचा और बढ़ाया विश्वपटल पर देश का सम्मान ।

1- कैप्टन हरप्रीत चंडी

ब्रिटिश सेना की भारतीय मूल की सिख सैन्य अधिकारी और फिजियोथेरिपिस्ट हरप्रीत सिंह ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। वो दक्षिण ध्रुव की यात्रा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस नीचे का तापमान और करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं का सामना किया। पोलर प्रीत के नाम से भी जानी जाने वाली हरप्रीत ने 700 मील (1,127 किलोमीटर) का सफर 40 दिनों में पूरा कर तिरंगे की शान बढाई।

2- मेघा परमार

मध्य प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर मेघा परमार ने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। उन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद 147 फीट (45 मीटर) की टेक्निकल स्कूबा डाइविंग कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया । मेघा ने इससे पहले साल 2019 में माउंट एवरेस्ट फतह किया था, ऐसा करने वालीं वो मध्य प्रदेश की पहली महिला बनीं हैं।

3- दीप जे

दीप जे कॉन्ट्रेक्टर पहली महिला ऑफिसर है जिन्होंने अंटार्कटिका फतह किया है। आप ये जानकर स्तब्ध रह जाएंगे कि अंटार्किटका का तापमान माइनस 10-15 डिग्री रहता है। वहीं हवा की स्पीड भी 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रहती है। दीप जे ने जब इन तमाम चुनौतियों का डटकर सामना किया तो परिणाम मिसाल बन गया। इस दौरान जब उन्हें आर्थराइटिस डिटेक्ट हुआ या फिर अपेंडिसाइटिस का ऑपरेशन कराना पड़ा तो भी उन्होंने हार नहीं मानी। दीप जे ने मजबूत इरादे और जज्बे से अपने लक्ष्य को हासिल किया।

4. बलजीत कौर

पर्वतारोही बलजीत कौर ने एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किया। हिमाचल की बेटी ने एक महीने से कम समय में एवरेस्ट समेत चार ऊंची पर्वत चोटियों पर फतह कर इतिहास रचा। वो 7161 फिट ऊंची चोटी पुमोरी पर पहुंची। ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय पर्वतारोही बनी। बलजीत 17 मई 2022 को रात 10 बजे अपनी टीम के साथ माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए रवाना हुई और अगले पांच दिन कठीन संघर्ष करते हुए 21 मई 2022 की भोर में 4:30 बजे अपने लक्ष्य पर पहुंचकर पुमोरी की चोटी पर तक भारत का तिरंगा लहराया।

5- इशानी सिंह जम्वाल

देवभूमि हिमाचल के कुल्लू की इशानी सिंह ने माउंट-चो-ओयू-पीक की चोटी पर 7200 मीटर तक पहुंचकर इतिहास रचा।आपके बता दें कि दक्षिण की ओर से दुनिया की छठी सबसे ऊंची और कठिन चोटी तक पहुंचने वाली वो पहली भारतीय महिला हैं। इशानी का उद्देश्य पर्वतारोहण को एक साहसिक कार्य के रूप में बढ़ावा देना है।

ये थी आज की गौरवपूर्ण कहानी लेकिन इस सीरीज के अगले भाग में हम आपको बताएंगे उन महिलाओं के बारे में जिन्होंने साइक्लिस्ट में बनाया इतिहास….और कौन है वो बहादुर महिला जिसने सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचकर देश का मान बढ़ाया.. और बताएंगे उन महिलाओं के बारे में भी जिन्होंने ऐसा कुछ कर दिखाया जो इससे पहले भारत में कभी भी नहीं हुआ था…..

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