शिमला:जेओए आईटी भर्ती परीक्षा में पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने आज 6 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उनकी रिमांड अवधि बढ़ाने के निर्देश जारी किये हैं। उल्लेखीनय है कि जेओए आईटी भर्ती मामले का खुलासा अभी कुछ दिन पहले ही हमीरपुर में एक महिला अधिकारी के घर पर रिश्वत के पैसे मिलने से हुआ था।
बिजलेंस कर रही है मामले में कार्रवाई
बुधवार को एसआईटी ने अदालत में इस मामले में जोरदार पैरवी करते हुए इन सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की। एसआईटी ने कहा कि शुरुआत में इनसे केवल जेओए आईटी का प्रश्नपत्र और पांच हजार रुपये ही बरामद हुए थे।
एसआईटी की टीम ने किया यह खुलासा
एसआईटी ने दावा किया कि अगर इन सभी छह आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाई जाती है तो जांच में कई अन्य संदिग्ध लोग भी पकड़ में आ सकते हैं। वहीं, अदालत ने माना कि इस सारे प्रकरण में मुख्य रूप से आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद और दलाल संजीव कुमार की भूमिका काफी ज्यादा है, इसलिए इन दोनों को पुलिस हिरासत, जबकि चार अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी की भर्ती परीक्षा प्रस्तावित थी। लेकिन, चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक उमा आजाद ने ढाई-ढाई लाख रुपये में सौदा कर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर दिया। एक अभ्यर्थी ने 23 दिसंबर को हमीरपुर विजिलेंस थाने में इसकी शिकायत की।