Bihar Shrab Kand: जहरीली शराब से हो रही मौतों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 70

पटना: बिहार में जहरीली शराब का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। चारों तरफ जहरीली शराब से हो रही मौत के कारण हाहाकार मचा हुआ है। छपरा जिले में जहरीली शराब के चलते हुई मौतों का आंकड़ा अब 66 से बढ़कर अब 70 हो गया है। छपरा के अलावा सारण, सिवान, बेगूसराय और किशनगंज में भी शराब के चलते मौतें हुई हैं। दरअसल 16 दिसंबर शुक्रवार को किशनगंज स्टेशन पर कैपिटल एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री को अचेता अवस्था में गुरुवार को उतारा गया था, जिसे हॉस्पिटल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

किसी को भी मुआवजा नहीं दिया जाएगा- नीतीश कुमार

शुक्रवार को उसके परिजन किशनगंज पहुंचे तो उन्होंने सनसनीखेज खुलासा किया। परिजनों का कहना है कि उसकी मौत नेचुरल नहीं है। बल्कि वह भी जहरीली शराब की चपेट में ही आ गया और उसकी मौत हो गयी। लेकिन इतनी मौतों के बाद भी बिहार सीएम नीतीश कुमार का ना तो दिल पिघल रहा है ना तो वे जुबानी जहर उगलने से बाज आ रहे हैं। बिहार विधानसभा में बोलते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि शराब से मौत होने पर किसी को भी मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

जांच के लिए एसआईटी गठित

नीतीश कुमार ने एक बार फिर कहा कि शराब पियोगे तो मरोगे। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपिता बापू के दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं। दूसरे राज्यों में जहरीली शराब पीने से मौत हो रही हैं। बीजेपी ने शराबबंदी का समर्थन किया था। हालांकि शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़ने के बाद जहरीली शराब मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। एक अतिरिक्त एसपी इस टीम का नेतृत्व करेंगे।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने मीडिया को बताया कि एसआईटी में 31 पुलिस अफसरों को शामिल किया गया है। इसमें तीन डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, सारण के डीएम राजेश मीणा ने कहा कि पिछले 48 घंटों में जिले भर में छापेमारी कर 126 शराब व्यापारियों को पकड़ा गया है। 4000 लीटर से ज्यादा अवैध शराब भी जब्त की गई है। इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार की बात भी सामने आई है।

जल्द सुनवाई से SC का इनकार

आपको बता दें कि बिहार में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें एसआईटी से जांच कराने और पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है।

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