चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रोफेसर और प्रिंसिपल के पदों की भर्ती प्रक्रिया के मानदंडो में व्यापक बदलाव किया गया है ताकि प्रदेश में रिक्त पदों को भरा जा सके। बता दें कि प्रदेश में प्रोफेसर और प्रिंसिपल के पदों की भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगी हुई है।
अब से 6 मापदंडों में होगी प्रोफेसर और प्रिंसिपल की भर्ती प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर न सिर्फ व्यापक बदलाव किया है बल्कि इससे संबंधित नोटिस भी जारी कर दिया है। अब से 6 मापदंडों से गुजरने के बाद ही परीक्षार्थियों का चयन हो पाएगा। पहले मापदंड यानि इंटरव्यू में 12.5 अंक होते है। जबकि शैक्षणिक रिकॉर्ड के लिए 40 अंक, शिक्षण अनुभव और शोध के लिए 20 अंक, अतिरिक्त योग्यता (पीएचडी, जेआरएफ-नेट और सेट) के लिए 15 अंक निर्धारित किए गए है।
सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों (एनएसएस) के लिए 7.5 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं एनसीसी, गणतंत्र दिवस परेड में भागीदारी और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्थिति) और खेल के लिए पांच अंक निर्धारित किए गए है। इंटरव्यू की बात करें तो उसको तीन अन्य भागों में बांटा गया है। हरियाणा सरकार सहायता प्राप्त संघ के अध्यक्ष दयानंद मलिक ने सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में संशोधित किए गए मानदंडों को उचित बताया। इसी के साथ एसोसिएशन ने कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सहायकर प्रोफेसरों और प्रिंसिपल की नियुक्ति फिर से शुर करने की मांग की है।
सहायक प्रोफेसर के 1500, प्रिंसिपल के 51 पद पड़े खाली
बेरोजगारी की मार जेल रहे प्रदेश के सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में इन दिनों कई पद खाली पड़े है। सहायक प्रोफेसर के लगभग 1500 पद तो वहीं प्रिंसिपल के 51 पद खाली पड़े है। लेकिन वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में संशोधन के चलते भर्ती प्रक्रिया को रोक रखा है।