नयी दिल्ली: आज एनआईए को उस समय बड़ी सफलता हासिल हुई जब लुधियाना कोर्ट बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड खालिस्तानी आतंकी हरप्रीत को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना के कोर्ट रूम में एक आईईडी ब्लास्ट किया गया था। इस बम ब्लास्ट में 1 व्यक्ति की मौत हो गई थी और 6 लोग घायल हुए थे।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
आतंकी हरप्रीत की गिरफ्तारी एक खुफिया एजेंसियों को पुख्ता सूचना के आधार पर हुई है। ऐसी आशंका है कि जब मलेशिया के कुआलालंपुर से भारत के लिए हरप्रीत रवाना हुआ तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सुचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
आतंकी गतिविधियों में रहा है शामिल
हरप्रीत के संबंध पहले से भी कई भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकी संगठनों से रहे हैं। सूत्रों की राय है कि पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों से मदद मिलती रही है। इसके संबंध कश्मीर के आतंकी जाकिर मूसा के संगठन अंसार गजवत उल हिन्द से भी रहे हैं। यह संगठन अलकायदा से टूट कर बना था।
लुधियाना ब्लास्ट का क्या था मामला
लुधियाना की जिला अदालत में हुए बम ब्लास्ट में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था। इस धमाके में 1 आदमी की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हुए थे। ब्लास्ट की जांच के लिए दिल्ली से एनएसजी, एनआईए और नेशनल बम डाटा सेंटर की टीमें मौके पर पहुंची थी। ब्लास्ट के 10 घंटे बाद, रात 10.15 बजे एनएसजी टीम ने मलबे में पड़ी बॉडी को वहां से हटवाकर सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया था।
जांच एजेंसियों इस मामले की जांच जारी रखे हुए हैं और इस वारदात की तह तक पहुंचने की कवायद चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि जैसेजैसे जांच आगे बढ़ेगी परत दर पर परल नई जानकारियां सामने आयेंगी और सक्रिय आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में कामयाबी मिलेगी।