लंबे समय यानि 21 महीने की लेट लतीफी के बाद आखिरकार वो घड़ी आ ही गई,जिसका नेताओं से लेकर ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को बेसबरी से इंतजार था। जी हां बात हो रही है हरियाणा में होने वाले पंचायती चुनावों की। हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी धनपत सिंह ने शुक्रवार को चुनाव की तारिखों का ऐलान किया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले चुनाव हरियाणा के 10 जिलों में भिवानी, यमुनानगर, फतेहाबाद, पानीपत, झज्जर, नूंह, कैथल, जींद, महेंद्रगढ़, पंचकूला में कराएं जाएंगे । जो कि दो चरणों में होगें। 30 अक्टूबर को पहले चरण के चुनाव कराए जाएंगे। जिसमें जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव शामिल है। वहीं 2 नवंबर को दूसरे चरण में पंच और सरपंच के चुनाव कराए जाएंगे। इसी के साथ बाकी के जिलों में चुनाव की तारिखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। वहीं पंच और सरपंच के चुनावों का परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जाएगा। इसी के साथ जिला परिषद और ब्लॉक समिती के चुनावों का परिणाम दूसरे चरण के चुनावों के परिणाम के साथ ही किया जाएगा।
8 अक्टूबर से शुरू होगीं नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया
वहीं नोटिफिकेशन 8 अक्टूबर को जारी कर दिया जाएगा। इसी के साथ नॉमिनेशन फॉर्म की प्रक्रिया 14 से 18 अक्टूबर के बीच की जाएगी। बता दे कि नॉमिनेशन की छंटनी 20 अक्टूबर को होगी। वहीं 21 अक्टूबर को नॉमिनेशन वापिस लिए जा सकते है।
11-11 जिलों में होंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावों को दो चरणों में कराने के निर्देश दिए है। सबसे पहले राज्य के 11 जिलों में चुनाव होगें। जिसके पहले चरण में जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव करवाएं जाएंगे। तो वहीं दूसरे चरण में पंच औक सरपंच के चुनाव होंगे। फिर अन्य 11 जिलों में इसी प्रोसेस के तहत चुनाव होंगे।चुनावों को दो चरणों में कराने का फैसला कम स्टाफ और फेस्टीवल सीजन बताया जा रहा है।
हरियाणा में 71 हजार पदों के लिए होंगे चुनाव
वहीं हरियाणा में पंचायती चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग की तैयारियां जोरों शोरों पर है। बता दें कि इस बार लगभग 71 हजार पदों पर चुनाव होंगे। जिनमें से 6226 पद सरपंच के ,लगभग 62 हजार पंच के ,लगभग 3086 पंचायत समितियों के तो वहीं 411 पद जिला परिषदों के शामिल है।
महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए सीटे आरक्षित
जहां एक ओर पंचायती चुनावों को लेकर प्रत्याशी बेहद उत्साहित नजर आएं। तो वहीं इस बार के पंचायती चुनावों में महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लिए भी सीटें आरक्षित की गई है। बता दें कि महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तो वहीं दूसरी और एससी यानि पिछड़े वर्ग के लिए लगभग 8 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है।