चंडीगढ़:-हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है जहां पर ज्यादातर लोग खेती से जुड़े हुए हैं किसान आए साल अपने खेतों में तरह-तरह की फसलें उगाते हैं लेकिन साथ में ही फसलों के अवशेषों को जलाते भी हैं। जिसके जलने पर काफी मात्रा में धुआँ निकलता है और प्रदूषण बढ़ता है। प्रदूषण की मात्रा काफी अधिक बढ़ने पर लोगों को सांस भी दूभर हो जाता है। साथ ही तरह-तरह की बीमारियां उत्पन होती है। प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए और सभी लोगों को स्वास्थ को देखते हुए सरकार ने काफी प्रकार के ठोस कदम भी उठाए और साथ में किसानों को फसलों के अवशेष न जलाने पर कुछ प्रोत्साहन राशि में दे रही है ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो सके।
क्या होते हैं पराली जलाने के दुष्परिणाम
पराली के जलने से उठे धुएं से वायुमंडल में चलती हवा सारी दुसित हो जाती हैं जो इंसान या जीव-जंतुओं के फेफड़ों में जाकर स्वास नलियों को बंद कर देती हैं और सभी को सांस लेने में दिक्कत होती हैं। जिससे कोई न कोई बीमारी उत्पन होती हैं। साथ ही आसमान में कोहरा छाया रहता हैं। जिससे रास्तों पर देखने की क्षमता कम हो जाती हैं और दुष्परिणाम एक्सीडेंट होते है। जिससे हर साल काफी जाने जाती हैं।
क्या उठा रही है सरकार कदम
हरियाणा सरकार किसानों को पराली ना जलाने पर एक हजार रुपया प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके लिए किसान, किसान कल्याण विभाग के पोर्टल https://agriharyana.gov.in पर अपना पंजीकरण करवाएं। या टोल फ्री नंबर 1800 180 2117 पर भी संपर्क कर सकते है। साथ ही कई व्यापारी सूखे चारे की कमी को देखते हुए बासमती चावल की पराली को 5 से 6 हजार प्रति एकड़ या इससे भी ज्यादा भाव से खरीद रहे हैं। इसके अलावा कई निजी उद्योग सुखी प्रणाली को 2 हजार प्रति एकड़ या उससे भी ज्यादा के भाव में खरीद रहे हैं। जिसको देखते हुए ऐसा लग रहा है की अबकी बार पराली कम से कम जलाई जाएगी।
क्या होगी पराली जलाने वालों पर कार्यवाही
हरियाणा सरकार की तरफ से पराली जलाने वालो और प्रदूषण बढ़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिसकी निगरानी के लिए प्रत्येक गांव में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। ताकि वो पराली जलाने वालो को रोक सके और सरकार की पराली स्किम किसानो को बता सके। पराली जलाने वालो पर सरकार की तरफ से f.i.r. कर जुर्माना लगाया जायेगा। 2 एकड़ तक की पराली जलाने के लिए 2500 रुपए जुर्माना लगेगा। 2 से 5 एकड़ तक की पराली जलाने के लिए 5000 रुपए जुर्माना लगेगा। 5 एकड़ से ज्यादा की पराली जलाने के लिए 15000 रुपए जुर्माना लगेगा।
सरकार की इतनी कोशिशों के बाद उम्मीद की यही की जा सकती है की अबकी बार कोई पराली ना जलाए और पर्यावरण को साफ़ सुथरा रखने में सरकार का सहयोग दे।