दिल्ली में स्थित लाल किले के बारे में तो हर किसी को पता है लेकिन ये शायद कम ही लोगों को पता होगा कि एक लाल किला पाकिस्तान में भी है जी हां यह बिलकुल हकीकत है, यह लाल किला पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में स्थित है. जिसे बनने में 87 साल का लंबा वक्त लगा था.
बता दें कि इस किले को बनाने का काम वर्ष 1559 में शुरू हुआ था, लेकिन 1587 में मुगलों ने यहां कब्जा कर लिया था. जिसके बाद से धीमी गति से काम होने लगा और आखिकार यह किल्ला 1646 में पूरी तरह बनकर तैयार हुआ. इसे मुजफ्फराबाद फोर्ट और रुट्टा किला के नाम से भी जाना जाता है.
डोगरा वंश के महाराजा गुलाब सिंह के राज में साल 1846 में इस किले को फिर से बनाया गया. लेकिन इस किले का उपयोग साल 1926 तक ही किया गया, जिसके बाद से यह किला बिलकुल सुनसान हो गया.
पाकिस्तान ने इस किले की काफी अनदेखी की. जिसके कारण यह वीरान होता गया. जिसके वजह से अब यह किला किसी खंडहर की तरह ही दिखता है.