हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उनके परिजन लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार बनने के दावेदारों में शामिल हैं. राज्य में लोकसभा की 10 सीटें हैं. दीपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस के एक मात्र नेता हैं जिन्हें 2014 में लोकसभा चुनाव में राज्य से जीत मिली थी. वह रोहतक संसदीय क्षेत्र के प्रतिनिधि हैं. यह पारंपरिक रूप से हुड्डा परिवार का गढ़ रहा है.
भाजपा ने 2014 में हरियाणा से सात सीटों पर जीत दर्ज की थी और दो सीटों पर इंडियन नेशनल लोक दल को जीत हासिल हुई थी. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा के अंबाला से और प्रदेश इकाई के प्रमुख अशोक तंवर के सिरसा से चुनावी मैदान में उतरने की संभावना है. अंबाला और सिरसा आरक्षित सीट है और पूर्व में यहां से शैलजा और तंवर सांसद रहे हैं. अजय सिंह यादव, नवीन जिंदल और करण सिंह दलाल की नजर क्रमश: गुड़गांव, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद सीट से टिकट मिलने पर है.
सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा समय में गढ़ी सांपला किलोई के विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोनीपत से चुनावी मैदान में उतकर सबको चौंका सकते हैं. रोहतक की तरह ही सोनीपत संसदीय क्षेत्र भी हुड्डा का गढ़ है। यहां जाट मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। हुड्डा चार बार लोकसभा के सदस्य रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि हरियाणा कांग्रेस समन्वयक समिति के हाल ही में नियुक्त अध्यक्ष हुड्डा अगर सोनीपत से और उनके बेटे रोहतक से चुनाव जीतते हैं तो वह मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार बन जाएंगे.
हरियाणा में विधानसभा का चुनाव इस साल अक्टूबर में होने वाला है. दीपेंद्र हुड्डा के अलावा कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुती चौधरी भी टिकट के दावेदारों की दौड़ में शामिल हैं. श्रुती की नजर भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर है. वरिष्ठ कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई अपने बेटे भव्य को हिसार सीट से टिकट दिलवाने की जद्दोजहद कर सकते हैं.
कांग्रेस राज्य इकाई में आपस में हो रही उठा-पटक के बीच कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव से पहले हरियाणा में एक बस यात्रा का आयोजन किया है ताकि वह कांग्रेस की एकजुटता को दिखा सकें. हालांकि बीएस हुड्डा ने पार्टी के भीतर कलह से इंकार हुए दावा किया कि पार्टी यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी.
उन्होंने कहा, पूरी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एक है और एकजुट है. कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार और मनोहर लाल नीत राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ये सरकारें लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकामयाब रहीं. हरियाणा में छठे चरण में 12 मई को मतदान होगा.
भाषा