दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उपराज्यपाल से कहा कि जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल के कारावास की सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के समयपूर्व रिहाई के अनुरोध पर 12 अप्रैल तक कोई फैसला किया जाए।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक से उपराज्यपाल के फैसले से चौटाला को 12 अप्रैल तक अवगत कराने को और समयपूर्व रिहाई के उनके आवेदन को निपटाने को कहा।
पीठ ने यह निर्देश उस समय दिया जब दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा और गृह विभाग की ओर से पेश चैतन्य गोसाई ने कहा कि नेता के मामले पर एक विशेषज्ञ समिति ने विचार किया जिनकी सिफारिशों को अंतिम निर्णय के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा गया है।
यह आदेश चौटाला के उस आवेदन पर पारित हुआ जिसमें दावा किया गया कि दिल्ली सरकार ने चार सप्ताह के भीतर समयपूर्व रिहाई के उनके ज्ञापन पर फैसले के लिए उच्च न्यायालय के 20 फरवरी के निर्देश का पालन नहीं किया है।
भाषा