मंगलवार को जारी किए गए सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसारभारत में बेरोजगारी दर फरवरी 2019 में बढ़कर 7.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
CMIE की रिपोर्ट के मुताबिक 1.1 करोड़ मिलियन लोगों का रोजगार जीएसटी और नोटबंदी के कारण छिन गया. रिपोर्ट की माने तो नोटबंदी के कारण कई छोटे व्यापार भी बंद हो गए थे.
इस साल श्रम भागीदारी में कमी देखने को मिली है. जनवरी 2019 में जहां 43.2 प्रतिशत लोग काम में जुटे हुए थे तो वहीं फरवरी में गिरकर यह 42.7 प्रतिशत पहुंच गया. एक साल पहले, फरवरी 2018 में, लोगों की भागीदारी 43.8 प्रतिशत थी.
सीएमआईई संख्या पूरे भारत के हजारों घरों के सर्वेक्षण पर आधारित है. कई अर्थशास्त्रियों द्वारा आंकड़ों को सरकार द्वारा उत्पादित बेरोजगार आंकड़ों की तुलना में अधिक विश्वसनीय माना जाता है.
मई के में होने वाले आम चुनाव से पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह आंकड़े बुरी खबर हो सकती है वहीँ दूसरी तरफ इन मुद्दों का विपक्ष फायदा उठा सकती है.