जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक को बीती देर रात मायसूमा स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया है. पुलिस उन्हें पकड़कर कोठीबाग थाने ले गई. बताया जा रहा है कि अनुच्छेद 35-ए पर 26 फरवरी के आस-पास सुनवाई होने वाली है. इसी कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
इसी बाबत गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को जम्मू भेजा है. जिसमें सीआरपीएफ की 35, बीएसएफ की 35, आईटीबीपी की 10, एसएसबीपी की 10 कंपनियां शामिल हैं. इसी बीच घाटी में कड़ी सुरक्षा को साथ पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
मलिक ने सरकारी अधिसूचना को बताया झूठ
बता दें कि पिछले दिनों सरकार ने यासीन मलिक और कट्टरपंथी हुर्रियत कॉफ्रेंस ने कुछ नेताओं ने सुरक्षा वापस ले ली थी. ऐसे में यासीन मलिक ने कहा था कि मुझे सरकार की तरफ से कोई सुरक्षा नहीं मिली तो वे किस सुरक्षा को वापिस लेने की बात कर रहे हैं. मलिक ने संबंधित सरकारी अधिसूचना को झूठ बताया था. बुधावर को सरकार ने कहा था कि मलिक और गिलानी समेत 18 नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है.