हिंदी लेखक और साहित्यकार आलोचक नामवर सिंह का मंगलवार देर रात दिल्ली में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. सिंह ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर में रात 11.51 बजे अंतिम सांस ली.
हिंदी लेखक, वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और आलोचक ओम थानवी ने लेखक के निधन के बारे में फेसबुक पर पोस्ट किया और कहा कि सिंह का अंतिम संस्कार समारोह बुधवार दोपहर लोदी श्मशान में होगा.
28 जुलाई 1926 को वाराणसी के एक गाँव में जन्मे सिंह ने पीएच.डी. डिग्री बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से की और उसी विश्वविद्यालय में अपना शिक्षण करियर भी शुरू किया.
डॉ नामवर सिंह के निधन से साहित्य जगत में गहरा शोक है. साहित्य और पत्रकारिता जगत के दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक जताया है.वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि वे एक नायाब आलोचक और साहित्य में दूसरी परंपरा के अन्वेषी थे. उन्होंने ट्वी किया, हिंदी में फिर सन्नाटे की ख़बर. नायाब आलोचक, साहित्य में दूसरी परम्परा के अन्वेषी, डॉ नामवर सिंह नहीं रहे. मंगलवार को आधी रात होते-न-होते उन्होंने आख़िरी सांस ली. कुछ समय से एम्स में भर्ती थे. 26 जुलाई को वे 93 के हो जाते. उन्होंने अच्छा जीवन जिया, बड़ा जीवन पाया, नतशीश नमन.
ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन (AIPWA) के पूर्व अध्यक्ष रहे नामवर सिंह का नाम पूरी दुनिया में सर्वाधिक चर्चित रहा.उनकी ऐसी कोई किताब नहीं थी जिस पर विवाद नहीं हुआ हो.उन्हें साहित्य आलोचना के लिए वर्ष 1971 में कविता के नाये प्रतिमानके लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था.