Parliament Session 2024: बुधवार को 18वीं लोकसभा में शानदार नजारा देखने को मिला। एक ओर लोकसभा स्पीकर बनने पर ओम बिरला का विपक्ष ने स्वागत किया, तो वहीं निष्कासन को लेकर जमकर ताने कसे। इसके बाद खेल एकदम से बदल गया और लोकसभा स्पीकर ने पहली स्पीच में विपक्ष को आड़े हाथों लिया। विपक्ष हक्का-बक्का रह गया। इस दौरान स्पीकर ने 25 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी को याद दिलाया और आपातकाल की बरसी पर सदन में जमकर सुनाया।
इस दौरान स्पीकर ने कहा कि इमरजेंसी लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, कांग्रेस को उसके लिए घेरा और सदन में दो मिनट का मौन भी रखवा दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, यह सदन 1975 में आपातकाल लगाने के फैसले की कड़ी निंदा करता है। इसके साथ ही हम उन सभी लोगों के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हैं, जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया, संघर्ष किया और भारत के लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व निभाया।
आगे ओम बिरला ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के इतिहास में हमेशा एक काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा। इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया और बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान पर हमला किया। भारत पूरी दुनिया में लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। भारत ने हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों और वाद-विवाद का समर्थन किया गया है।
मीडिया कर्मियों के जेल में डाला गया- स्पीकर
उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हमेशा रक्षा की गई है, उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया गया है। ऐसे भारत पर इंदिरा गांधी द्वारा तानाशाही थोपी गई। भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा गया। इस काले अध्याय के दौरान देश की जनता सड़कों पर थी। इतना ही नहीं मीडियाकर्मियों को जेल में डाला गया। किसी को भी अपने अधिकार की आवाज उठाने का अधिकार नहीं था।