Hemant Soren Land Scam Bail: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झटका लगा है। जमीन घोटाले में जेल बंद सोरेन ने चुनाव प्रचार के लिए जमानत याचिका दाखिल की थी। जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस याचिका का विरोध किया। सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को करने को कहा है। सोरेन का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं कल इस पर अपनी दलील पेश करना चाहूंगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिब्बल अब पूर्व उदाहरण के आधार पर स्पष्टता देंगे। जस्टिस दीपांकर दत्त की अध्य़क्षता वाली दो सदस्यीय बेंच के सामने मामले की सुनवाई की जाएगी।
दोनों पक्षों ने दी दलीलें
सोरेन के वकील सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि जमीन घोटाला 88.5 करोड़ रुपए का है, जो कि आदिवासी भूमि है। छोटानागपुर काश्तकारी एक्ट के तहत इसको ट्रांसफर नहीं किय़ा जा सकता है। सिब्बल की ओर से कहा गया कि 12 भूमि के टुकड़े हैं, 76 से 86 के बीच गैर आदिवासी की रजिस्टर में एंट्री हुई है। वहीं, सोरेन ने अपने बय़ान मे कहा कि मुझ पर आरोप है कि वर्ष 2009-10 में मैंने जमीन पर जबरन कब्जा किय़ा।
मेरे खिलाफ 20 अप्रैल 2023 को केस चलाय़ा जाता है। इस बीच किसी ने भी शिकाय़त दर्ज नहीं की। इस जमीन का बिजली का बिल मेरे नाम पर नहीं है। साल 2015 में लीज में य़ह खेती वाली जमीन है। य़ह स्पष्ट है कि जमीन मेरे कब्जे में नहीं है।
ईडी ने जमानत का किया विरोध
झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ईडी ने सोरेन को संबंधित मामले में गिरफ्तार किय़ा था। ईडी ने अदालत को बताय़ा कि धन संशोधन निवारण 2002 की धारा के तहत कई बय़ान दर्ज किए गए, जिससे पता चलता है कि 86.6 करोड़ की जमीन पर अवैध रुप से कब्जा किया गया और वह हेमंत के उपयोग में हैं।
इस मामले मे ईडी ने जनवरी में जांच शुरू कर दी थी। ईडी ने कहा कि अगर सोरेन को चुनाव के लिए जमानत दी जाती है, तो जेल में बंद सभी राजनेता जमानत की मांग करेंगे। ईडी ने जमानत का विरोध जताते हुए कहा कि सबूतों में हेमंत सोरेन पर अवैध रुप से संपत्तिय़ां हासिल करने और उन पर कब्जा करने का आरोप शामिल है।