संतोष कुमार सिंह
चंडीगढ़: एक शेर है छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। चाहे देश की कांग्रेस हो या प्रदेश की, दोनों इसी उधेड़बुन से गुजर रही है। बार—बार ये प्रयास किया जा रहा है कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजबूत सरकार के खिलाफ हुआ जाये और सरकार को अस्थिर किया जाये वहीं दूसरी ओर हरियाणा कांग्रेस लगातार ये कवायद करती रही है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कामकाज में कैसे कमी निकाली जाये। सरकार के प्रयासों में बाधा पहुंचाई जाये।
लेकिन लंगड़ी कांग्रेस चाहे देश की हो या प्रदेश की जैसे ही इस दिशा में प्रयास शुरू करती है तब तक कोई न कोई पाया हिल जाता है और मंसूबे भरभरा के गिड़ने लगते हैं। देश भर से जहां कांग्रेस नेताओं के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और एनडीए पर भरोसा जता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को धत्ता बता रहे हैं और रोज किसी न किसी नेता के भाजपा में शामिल होने की खबरें आ रही हैं।
वहीं दूसरी ओर हरियाणा कांग्रेस ये मंसूबा पाले बैठी कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरा अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। लेकिन इस सवाल पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में ही मतभेद पैदा हो गये हैं और लंगड़ी कांग्रेस जोर से हिचकोले लेते दिखाई दे रही है और प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर आ गई है। जिसको लेकर कांग्रेस में दो मत हो गए हैं। कांग्रेस नेता किरण चौधरी ने अविश्वास प्रस्ताव लाने पर आपत्ति जताई है। जिसके कारण कांग्रेस की गुटबाजी दिखाई दे रही है।
क्या है मामला
दरअसल भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ कांग्रेस 22 फरवरी को सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश करना है। इसके पहले ही तोशाम से कांग्रेस की विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता किरण चौधरी को अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सवाल उठाया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रघवीर कादियान, जगबीर मलिक, गीता भुक्कल, वरुण चौधरी, अमित सिहाग, मामन खान, बीबी बत्रा, शमशेर सिंह गोगी और नीरज शर्मा ने सहित 26 विधायकों ने हस्ताक्षर किए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि टूटे हुए मन से प्रदेश की लंगड़ी कांग्रेस मजबूत मनोहर लाल के खिलाफ कैसे उठ खड़ी हो सकती है।
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इस बीच विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा विधानसभा में सरकार की ओर से संकल्प पेश किया। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। कहा कि हमारे लाखों पूर्वज की कुर्बानी और तप से ये दिन देखना का मौका मिला है। इसके लिए उन्होंने भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद किया। सदन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ।