Delhi Ordinance 2023:दिल्ली के अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़ाकेंद्र सरकार काअध्यादेश बिल सदन में मंगलवार को आएगा। लोकसभा (Lok Sabha) में गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे। इस दौरान हंगामे की संभावना है। आम आदमी पार्टी ने विपक्षी पार्टियों से सहयोग मांगा है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार केन्द्र के इस अध्यादेश के खिलाफ है। साथ ही वह तमाम विपक्षी दलों से इस बिल का विरोध करने के लिए समर्थन मांगा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
अध्यादेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्रधिकरण नाम का एक प्राधिकरण होगा, जो उसे प्रदान की गई शक्तियों का उपयोग करेगा और उसे सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। इस अध्यादेश के लाने से कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में तबादलों और नियुक्तियों संबंधी मामलों में फैसले की शक्तियां दिल्ली सरकार को दी थी।
आम आदमी पार्टी ने अध्यादेश जारी होने के बाद फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद कोर्ट ने ये मामला पांच जजों की संविधान पीठ को सौंप दिया था। दिल्ली की आप सरकार लगातार सदन में विपक्षी पार्टियों का समर्थन मांग रही है। आम आदमी पार्टी ने अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का भी समर्थन मिल चुका है।
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद आप सांसद राघव चड्ढा ने इसकी जानकारी दी थी। आप ने समर्थन मिलने के बाद विपक्ष के गठबंधन इंडियाका दामन थामा था। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल बेंगलुरु में हुई विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हुए थे।