भोजपुर: बिहार के भोजपुर से मॉब लिंचिंग की एक बड़ी घटना सामने आई है जहां हरियाणा और यूपी के बाउंसरों ने टोल प्लाजा पर कार्यरत सुपरवाइजर की हत्या कर दी। हत्या करने वाले 6 बाउंसरों में 4 हरियाणा और 2 बाउंसर उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। सभी आरोपी भी उसी टोल प्लाजा पर बाउंसर थे जहां मृतक बलवंत काम करता था। आरोपियों ने सुपरवाइजर पर 50 रुपये की चोरी का इल्जाम लगाकर उसकी पिटाई कर दी और निर्मम तरीके से उसकी हत्या कर दी। मृतक यूपी के गोंडा के कटरा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मनकापुर निवासी सूर्य नारायण सिंह का पुत्र बताया जा रहा है।
कुल्हड़िया टोल प्लाजा का है मामला
दरअसल, मामला कोइलवर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-पटना फोरलेन पर कुल्हड़िया स्थित टोल प्लाजा की है। बताया जा रहा है कि यूपी निवासी मृतक बलवंत यहां सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत था। आरोपी बाउंसर भी यहीं पर काम करते थे। हत्यारों ने बलवंत पर 50 रुपये की चोरी का आरोप लगाया और उसका पक्ष सुने बगैर उसे नजदीक के होटल की छत पर ले गए और बुरी तरह पीटा। उसके पॉकेट से पैसे छीन लिए। पीटते-पीटते जब बलवंत अधमरा हो गया तो उसे गोंडा जाने वाली ट्रेन में छोड़ आए। वहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई।
पहलवान विवाद पर हुई थी मृतक और बाउंसर की बहस
हालांकि टोलकर्मियों के अनुसार 50 रुपये की चोरी का इल्जाम बस एक बहाना था। टोलकर्मियों ने बताया कि बलवंत और बाउंसरों के बीच कुछ दिनों से पलवान विवाद के मुद्दे पर बहस हो रही थी। बलवंत हमेशा बृजभूषण शरण सिंह का पक्ष लेता था। इससे बाउंसर और बलवंत एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। वहीं बताया जा रहा है कि बलवंत सिंह पर जैसे ही पैसा चोरी करने का आरोप लगा तो मौका पाकर इन लोगों ने बदला चुकता कर लिया।
आरोपियों की हुई पहचान
बता दें कि घटना के बाद टोल प्लाजा चलाने एजेंसी ने पुलिस और कानून का साथ देने के बजाय सभी आरोपियों को छिपाने की कोशिश की है। एजेंसी ने सभी आरोपियों को अलग-अलग जगहों पर भेज दी है। इसके अलावा मैनेजर भी मौके से फरार है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों का नाम सामने आया है। जिसमें हरियाणा के रोहतक निवासी अभिमन्यु शर्मा, सुनील जाखर, सुमित, विक्रम कौशिक व यूपी के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह और सागर गोलू की पहचान हो सकी है।