Nipun Haryana: मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार लगातार नवोन्मेष को बढ़ावा देती रही है। लेकिन उसके लिए जरूरी है बुनियाद की मजबूती। यही वजह है कि प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य में निपुण हरियाणा जैसी भविष्योन्मुखी योजनाएं चला रही है। इस योजना की विशेषता यह है कि सरकार इसके जरिए नौनिहालों विशेष रूप से कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की आधारभूत बुनियादी शिक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा मे ठोस प्रयास कर रही है ताकि प्रदेश के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर लायी गई नई शिक्षा नीति का लाभ मिल सके।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जिन्हें बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कहते थे, उनका बच्चों को लेकर एक मशहूर कथन है कि बच्चे बगीचों की कलियों की तरह होते हैं। उन्हें सावधानीपूर्वक और प्यार से पालना चाहिए। क्योंकि वह देश का भविष्य और कल के नागरिक हैं। आज हम उन्हें जो भी सिखाएंगे वह कल एक बेहतरीन भारत बनाएंगे।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश में निपुण हरियाणा के तहत करीब साढ़े आठ हजार स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक के करीब पांच लाख बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इस बात की आवश्यकता इसलिए समझी गई क्योंकि वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक देश के करीब 5करोड़ से ज्यादा बच्चों को प्राथमिक स्तर पर आधारभूत साक्षरता और अंकीय ज्ञान प्राप्त नहीं है। नई शिक्षा नीति 2020का लाभ बच्चे तभी उठा पाएंगे जब उन्हें गणित, संख्या, लेखन, पठन पाठन, संपादन और आधारभूत शिक्षा का ज्ञान हो सकेगा।
केन्द्र सरकार ने इसके लिए NIPUN (National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) यानि संख्यात्मक ज्ञान के अलावा पठन पाठन में निपुणता शुरू किया। हरियाणा प्रदेश में निपुण हरियाणा मिशन 31जुलाई 2021को शुरू किया। जिसके तहत कक्षा एक से तीन के बच्चों को शिक्षित किया जा रहा हैं। करीब साढ़े आठ हजार स्कूलों में 27हजार से ज्यादा अध्यापक भारत के उज्जवल भविष्य को शिक्षा में निपुण बना रहे हैं।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2026-2027तक का लक्ष्य रखा है। लेकिन हरियाणा सरकार ने इस मिशन को प्राप्त करने के लिए 2024-25तक समय सीमा रखी है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ आगे कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
इस मिशन के तहत बच्चों को मौखिक भाषा में दोस्तों और शिक्षकों से बातचीत करना। समझदारी के साथ तुकांत और कविताएं पढ़ना सिखाया जा रहा है। छोटे बच्चों को निपुण बनाने के लिए पढ़ाई में किताबों को देखना, चित्रों की मदद से किताबों को पढ़ना, अक्षरों और संगीत ध्वनियों को पहचानना, कम से कम दो अक्षरों वाले शब्दों को ध्यान से पढ़ना सिखाया जा रहा हैं।
लेखन कला को मजबूत करने के लिए खेल के दौरान पहचान वाले अक्षरों को लिखना, चित्र बनाने का प्रयास, पहचानने योग्य अक्षरों को लिखना, पेंसिल को ठीक से लिखना, अपने नाम को पहचानना और लिखना सिखाया जा रहा हैं। इस आधारभूत और बुनियादी साक्षरता को मजबूत करके देश के लिए एक उज्जवल भविष्य का सपना देखा जा सकता है।
निपुण हरियाणा को जमीनी स्तर पर मजबूती देने और संख्यात्मक बोध को बढ़ाने के लिए वस्तुओं की गिनती और 10 तक की संख्याओं को गिनना और पहचानना, एक क्रम में वस्तुओं, आकृतियों और चित्रों को लिखना और व्यवस्थित करना सिखाया जा रहा है।
जाहिर है कि अब सरकार का यह प्रयास जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है और वह मॉडर्न निजी स्कूलों को चुनौती दे रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार के इस प्रयास ने कोरोनाकाल की छात्रों की हताशा को दूर किया। नवोन्मेषी छात्र इस बुनियादी शिक्षा में रूचि दिखाई दे रहे हैं।