69 के हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल…कितना बदला ​हरित प्रदेश हरियाणा

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 5 मई 1954 को रोहतक जिले के निंदाना गांव में हुआ था। वे प्रदेश के 11वें मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है हम मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जन्मदिन की खुशियां तो मनायें ही, साथ ही इस बात की पड़ताल करें कि उनका सियासी सफर, सामाजिक जीवन और हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कामकाज, उनके सरकार की योजनाएं किस तरह से हरित प्रदेश हरियाणा के बदलाव का वाहक बनी हैं। तो पेश है ये विशेष रिपोर्ट जिसके जरिए हम मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा में चल रही प्रमुख योजनाओं से रूबरू करा ही रहे हैं, साथ ही उनके सियासी सफर और सामा​जिक जीवन पर भी गहरी नजर रखे हुए हैं।

बदलाव का वाहक बनती प्रदेश की योजनाएं

हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर लाल को 9 साल हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कई सारी योजनाएं चलाईं। इन सरकारी योजनाओं में महिलाओं, बच्चों, किसानों और वृद्धों को लाभ और सुविधा देने का काम किया गया। आज हम आपको ऐसी ही कुछ प्रमुख योजनाओं के बारे में बताएंगे।

श्रमिक कल्याण योजना

श्रमिकों कल्याण योजना के अंतर्गत महिला और पुरूष मजदूरों या पुरूष श्रमिकों की पत्नियो को दो बच्चों के जन्म के वक्त प्रसूति में 7000 रूपये की सहायता दी जाती है। साथ ही किसी दुर्घटना में मजदूर की मौत या किसी विषम स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना

हरियाणा में सीएम मनोहर ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना की शुरूआत की है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को धान की खेती से मक्का, अरहर, उड़द, कपास, बाजरा, तिल और बेसन मूंग (बैसाखी मूंग) जैसी अन्य फसलों के लिए 7000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा पानी के स्तर को बचाने के लिए सिंचाई पर 80%किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है।

मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना

हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल की शुरुआत की गई। इसके जरिए किसान अपनी फसल के पंजीकरण और खेत का पूरा ब्यौरा प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को 10 रूपये प्रति एकड़ की दर से सहायता मिल सकेगी। साथ ही किसानों को प्राकृतिक आपदा के समय फसल के नुकसान होने पर आर्थिक सहायता या मुआवजा दिलाना भी आसान हो गया है। साथ ही किसानों को खाद्य, बीज और कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध हो सकेगी।

हरियाणा सक्षम योजना

हरियाणा सक्षम योजना की शरूआत साल 2022 में हुई थी। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार हाईस्कूल पास छात्र-छात्राओं को 100 रूपये, इंटरमीडिएट पास कर चुके छात्र-छात्राओं को 900 रूपये, ग्रेजुएट को 1500 रूपये और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट को 3000 रूपये हर महीने बेरोजगारी भत्ता देती है। 21 से 35 साल तक के युवा इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

हरियाणा आत्मनिर्भर रोजगार योजना

इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से हरियाणा सरकार गरीब बेरोजगार युवाओं को व्यवासय को शुरू करने के लिए 15,000 रूपये तक का लाभ केवल 2%ब्याज दर पर दे रही है।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम योजना

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में हरियाणा कौशल रोजगार निगम योजनाकी शुरूआत की। कौशल रोजगार निगम पोर्टल 1 नवंबर 2023को लॉच किया जायेगा। इस योजना के माध्यम से हरियाणा के नागरिक रोजगार से संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल के जरिए आउटसोर्सिंग से प्रदान की जाने वाली नौकरियों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जायेगा।

लाल डोरा स्वामित्व योजना

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 26 जनवरी को लाल डोरा स्वामित्व योजना की शुरूआत की था। इसके तहत लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल सकेगा। साथ ही वो अपनी जमीन पर आसानी से लोन भी प्राप्त कर सकेंगे। इस अभियान में प्रदेश के 6350 गांव शामिल हैं। इन गांवों में से 1511 गांव की अभिलेख बन गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक लगभग 72 हजार 445 नागरिकों को जमीन का मालिकाना हक मिल चुका है।

मुख्यमंत्री अंत्योत्दय परिवार उत्थान योजना

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत राज्य में सबसे गरीब परिवारों की पहचान की गई है। इस योजना के तहत, कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन के उपायों को अपनाया जाएगा ताकि अंत्योदय परिवारों की न्यूनतम वार्षिक आय 1.80रू लाख तक प्रति वर्ष बढ़ाई जा सके।

हरियाणा बिजली कनेक्शन योजना

हरियाणा भारत का ऐसा प्रदेश रहा है जहां के बहुत से गांव में आज भी बिजली की समस्या है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा बिजली कनेक्शन योजनाकी शुरूआत की। बिजली का कनेक्शन के लोगो को आसानी से मिल सके इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से जिस व्यक्ति के घर में बिजली कनेक्शन नहीं है वोऑनलाइन आवेदन करके बिजली का मीटर लगवा सकता है।

मनोहर लाल का सियासी सफर

वैसे तो मनोहर लाल के सियासी सफर से ज्यादा उनका सामाजिक जीवन रहा है। वर्ष 1977 में जब देश में आपातकाल की स्थिती बनी थी और ऐसा लग रहा था कि लोकतंत्र खतरे में है तो देश के युवा जेपी के आह्वाण पर आपातकाल विरोधी संघर्ष की आवाज बुलंद कर रहे थे। युवा मनोहर लाल भी हतप्रभ थे कि आखिर देश में हो क्या रहा है। इसी क्रम में मात्र 24 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संपर्क में आते हैं और एक बार आरएसएस से जुड़ने के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। मनोहर लाल ने मेहनत और संघर्ष के दम पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने संघ के प्रचारक के तौर पर 14 साल तक कार्य किया। इसके बाद साल 1994 में वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। पार्टी ने उन्हें हरियाणा भाजपा के महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी। मनोहर लाल 2000 से 2014 तक इस पद पर बने रहे। इसी क्रम में पार्टी ने उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश चुनाव अभियान का अध्यक्षता का भार सौंपा। उसी साल हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल ने पहली बार करनाल निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतरे और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने हरियाणा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी मनोहर लाल करनाल सीट से जीत हासिल करके दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने।

प्रधानमंत्री मोदी से रहा है गहरा नाता

मनोहर लाल का राजनीतिक करियर भले ही ज्यादा लंबा ना हो, लेकिन देश प्रदेश के भाजपाई नेताओं से उनके संपर्क अच्छे रहे हैं। अपनी सादगी और काम-काज के तौर तरीकों की वजह से वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसकी वजह यह भी है कि पीएम मोदी ने अन्य प्रदेशों समेत हरियाणा प्रभारी के तौर पर भी लंबे समय तक काम किया। तब मनोहर लाल हरियाणा में भाजपा के संगठन सचिव थे। साथ ही संघ के काम-काज को लेकर भी मनोहर लाल की मुलाकात पीएम मोदी से होती रहती थी। दोनों के विचार, सोच, सादगी और काम करने के तरीके में इतनी समानता थी कि संबंध मजबूत होते चले गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *