नई दिल्ली: बीते दिनों में बिहार में जहरीली शराब से छपरा, सारण सहित अन्य कई जिलों में हो रही मौत से हाहाकार मचा गया था। हर दिन मौत का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा था लेकिन मौका रहते नहीं बल्कि 70 से अधिक जान जाने के बाद प्रशासन एक्शन मोड पर आई और आखिरकार जहरीली शराब के मास्टमाइंड सहित कई शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया जो इस मामले में शामिल थे। हालांकि सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। इस बीच दिल्ली पुलिस को जहरीली शराब कांड में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
दरअसल, बिहार में हुए जहरीली शराब कांड में कई शराब मफिया शामिल है। इनमें से कुछ पुलिस की गिरफ्त में हैं तो इन्हीं आरोपितों में से एक आरोपी रामबाबू महतो जो कि अब तक दिल्ली में छुपा बैठा था उसको दिल्ली पुलिस ने द्वारका से गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, रामबाबू महतो अवैध शराब के कई मामलों में शामिल है और बिहार शराब कांड में भी इसका पूरा-पूरा हाथ था जिसको दबोचकर अब उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही रामबाबू की गिरफ्तरी की जानकारी बिहार पुलिस को भी बता दी गई है।
विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, अपराध शाखा की अंतर-राज्यीय सेल को सूचना मिली थी कि महतो दिल्ली में कहीं छिपा हुआ है। तकनीकी निगरानी और विशिष्ट इनपुट के आधार पर महतो को द्वारका से पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी को आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस के साथ साझा किया गया है।
गौरतलब है कि हाल में ही बिहार के छपरा, सारण, किशनगंज आदि कई जगहों पर जहरीली शराब से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद इलाके में हाहाकार का माहौल बन गया था। लगातार हो रही मौतों से देश का माहौल भी गरम हो गया था साथ ही शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेकर घेरना शुरु कर दिया था। इस दौरान नीतीश कुमार का एक बयान भी वायरल हुआ था जिसमें विपक्ष द्वारा सवाल करने पर वे उनका जवाब था कि जो पिएगा वो मरेगा ही। तमाम उठापटक के बीच आखिरकार प्रशासन जागी और जहरीली शराब के जरिए मौत बेचने वाले उन सौदागरों को सलाखों के पीछे पहुंचाई।