मुजफ्फराबाद/नई दिल्ली: 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और अल-बद्र के टॉप कमांडर अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। सूत्रों के मुताबिक हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुजफ्फराबाद में मिली सजा-ए-मौत
हमजा PoK के मुजफ्फराबाद में छिपा था। शनिवार को अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर गोलियां बरसाईं। वह भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी था और गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकी घोषित किया था।
रत्नीपोरा से अल-बद्र तक का खूनी सफर
अरजमंद गुलजार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। करीब 7 साल पहले वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान गया और वहां प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन कर लिया। जल्द ही वह संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया।
PoK से चलाता था कश्मीर में नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमजा PoK से बैठकर पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा में आतंकी नेटवर्क चलाता था। युवाओं की भर्ती, टेरर फंडिंग और हथियारों की सप्लाई के लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स का इस्तेमाल करता था। उसे “डिजिटल कट्टरपंथ” का मास्टरमाइंड माना जाता था जो सोशल मीडिया से युवाओं को भड़काता था।
आतंकी संगठनों में दहशत
हमजा की हत्या से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। PoK में बैठकर भारत विरोधी साजिश रचने वाले कमांडरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इससे अल-बद्र और लश्कर जैसे संगठनों में दहशत है।