New Delhi: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने एकीकृत, खुफिया जानकारी आधारित और तकनीक-संचालित अभियान शुरू किए हैं। इन अभियानों के जरिए विदेशी भूमि पर छिपे फरार अपराधियों पर नकेल कसी जा रही है।
शाह ने बताया कि तीन नए आपराधिक कानूनों में अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने का प्रावधान न्याय प्रणाली को मजबूत बना रहा है। इससे भागने वाले अपराधियों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सकती है। पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के सख्त लागू होने से अब तक 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जबकि 18,762 करोड़ रुपये की संपत्ति पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है।
क्या है BHARATPOL
गृह मंत्री ने BHARATPOL जैसे नए ढांचों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये ढांचे दुनिया भर में समन्वय का एक निर्बाध नेटवर्क सुनिश्चित करते हैं। इससे दुनिया का हर कोना फरार अपराधियों के लिए शिकारगाह बन गया है। सरकार की ये कोशिशें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों को पकड़ने और न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।
बच नहीं पाएंगे अपराधी
अब अपराधी चाहे वे देश में हों या विदेश में छिपे हों, उन्हें सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नई कानूनी व्यवस्था और तकनीकी साधनों के इस्तेमाल से न्याय व्यवस्था और मजबूत हो रही है। इससे आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास बढ़ेगा। फरार अपराधियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम भी सराहनीय है। सरकार की ये नीतियां भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्ती का प्रमाण हैं।