पटना: बिहार के छपरा में जहरीली शराब (denatured alcohol) से हो रही मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अब तक जहरीली शराब पीकर 35 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और अभी भी शहर के अस्पतालों में 15 से अधिक मरीज भर्ती हैं, जिन का इलाज जारी है। देर रात 10 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इतने लोगों की जिंदगी खत्म होने के बाद अब जाकर सरकारने एक्शन लिया है। मामले में मसरख थाना अध्यक्षऔर जदु मोड़ के चौकीदार को निलंबित किया गया है साथ ही मढ़ौरा के डीएसपी को हटाने की सिफारिश भी की है।
बता दें कि बुधवार को लखीसराय से बीजेपी विधायक विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में जब जहरीली शराब से हो रहे मौतों का मुद्दा उठाया था तो भरी सदन नीतीश कुमार अपना आपा खो बैठे थे और बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा था कि क्या हो गया तुम भी तो शराबबंदी के पक्ष में थे… तुम बोल रहे हो…। जिसके बाद बीजेपी ने सदन से वॉकआपट कर दिया था। हालांकि मामला इतना गंभीर होने के बाद बी नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों के बिगड़े बोल जारी है।
जो शराब पियेगा, वो मरेगा ही… सीएम नीतीश कुमार
छपरा में शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा। इस मुद्दे पर सीएम नीतीश ने कहा कि जो शराब पिएगा तो वो मरेगा ही। शराब बिहार में बंद है इसलिए लोग इसका इस्तेमाल ना करें। शराबबंदी कानून मेरा फैसला नहीं था बिहार की महिलाओं ने इसकी मांग मुझसे कि तब मैंने इसे लागू किया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी बताए उनके जिन-जिन राज्यों में सरकार है, वहां जहरीली शराब से कितनी मौत होती है। हम लोगों ने बिहार में शराबबंदी को लेकर कानून भी बनाया और प्रचार-प्रसार भी बड़े पैमाने पर किया। सभी पार्टियों ने इसका समर्थन किया इसलिए बिहार में शराबबंदी कानून लागू है।
वहीं बिहार सरकार में मंत्री समीर महासेठ ने अजीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इम्यूनिटी बढ़ाओगे तो जहरीली शराब बर्दाश्त कर लोगे। बिहार में एक नंबर की दारू नहीं आ रही। जो शराब आ रही वो जहरीली है, इसलिए इसे नहीं पीएं।
गौरतलब है कि बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। साल 2021 की सबसे बड़ा जहरीली शराब कांड पश्चिम चंपारण जिले में जुलाई में सामने आया था, जिसमें 16 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद नवंबर में गोपालगंज में 11 लोगों की मौत हुई थी।