गाजीपुर: योगी आदित्यनाथ के शासन काल में उत्तर प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों में काफी कमी आई है। ऐसे में कई गैंगस्टर जिन्हें या तो एनकाउंटर में मार गिराया गया है या फिर जेल में सजा काट रहे हैं। बड़ी खबर यूपी के बाहुबली गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बारे में आ रही है। बांदा जेल में बंद बाहुबली नेता और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में 10साल की सजा सुनाई गई है।
गाजीपुर कोर्ट ने सुनाया फैसला
अंसारी पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्तार के अलावा भीम सिंह को भी 10साल की सजा सुनाई है। गुरुवार को गैंगस्टर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी और उनके सहयोगी भीम सिंह को भी दोषी करार दिया गया। सजा सुनाए जाने के दौरान भीम सिंह कोर्ट में पेश हुए। जबकि मुख्तार अंसारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
1996 में दर्ज हुआ था मामला
1996 में दर्ज गैंगस्टर मामले में आज 26साल बाद कोर्ट ने बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया। गैंगस्टर एक्ट में कुल 5 मामले थे, इसमें दो गाजीपुर, दो वाराणसी और एक चंदौली में मामले दर्ज थे। इस मामले में 12 दिसंबर को 11गवाहों की गवाही, जिरह और बहस पूरी हो चुकी थी।
पुलिस ने दी यह जानकारी
12 दिसंबर को एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने बताया था, मुख्तार अंसारी और उनके सहयोगी भीम सिंह पर साल 1996 में गैंगस्टर का एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जो काफी समय से कोर्ट में लंबित था, जिस पर पिछले महीने 25 नवंबर को फैसला आना था लेकिन अचानक विद्वान पीठासीन अधिकारी का स्थानांतरण हो जाने से और नए पीठासीन अधिकारी के आने के बाद रोजाना स्तर पर सुनवाई की गई थी और 12 दिसंबर को बहस पूरी कर ली गई थी।