मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने भी एनडीए का दामन थाम लिया।
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर-प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर एनडीए के साथ गठबंधन कर लिया है। तो वहीं गैंग्स्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने भी एनडीए का दामन थाम लिया।
लोकसभा चुनाव से पहले सियासी गुणा-गणित
केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए यूपी की राजनीति हमेशा से ही धुरी साबित हुई है। प्रदेश की सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें सरकार बनाने और गिराने में अहम भूमिका निभाती हैं। इस बार भी चुनाव से पहले सियासी समीकरण बिठाए जाने लगे हैं। ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के साथ भाजपा के साथ एनडीए में शामिल हो गए। दोनों के एनडीए में आने की हर-तरफ चर्चा हो रही है।
अब्बास अंसारी ने थामा एनडीए का दामन
यूपी में योगी सरकार ने सत्ता में आते ही गैंग्स्टरों, बाहुबलियों और अपराधियों पर लगाम लगान शुरु कर दिया था। उन्होंने पूर्वांचल के कुख्यात बाहुबली मुख्तार अंसारी और उसके भाई अब्बास अंसारी पर भी शिकंजा कसना शुरू किया। इस समय मुख्तार अंसारी, उनके भाई अफजाल अंसारी और बेटा अब्बास अंसारी तीनों जेल में है। बीते शनिवार को ही हेट स्पीच के मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अब्बास अंसारी की कोर्ट में पेशी हुई। इसके एक दिन बाद यानि रविवार को अब्बास अंसारी और ओम प्रकाश राजभर के एनडीए में शामिल होने की खबरें आनी शुरू हो गईं।
योगी सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश राजभर 2022 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की एनडीए से अलग हो गए थे। वो समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर अखिलेश यादव के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे। ओपी राजभर ने अब्बास अंसारी को सुभासपा की टिकट पर मऊ सदर से विधानसभा चुनाव लड़ाया था। उन्हें इस सीट से जीत भी हासिल हुई। इसके कुछ समय बाद ओपी राजभर ने सपा से अपने रास्ते अलग कर लिए थे। अब वो एक बार फिर एनडीए के पाले में चले गए हैं। इस बार वो मुख्तार अंसारी के बेटे और पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी को भी एनडीए में साथ लेकर गए हैं। बता दें हेट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी अभी कासगंज जेल में बंद हैं।