हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से जुड़ी डिजिटल व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन के काम की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को 24 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि किसानों और आमजन को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान भाइयों का हित सरकार के लिए सर्वोपरि है। एग्रीस्टैक पर पंजीकृत किसानों को अब एक विशिष्ट Farmer ID मिलेगी। इस आईडी के जरिए किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ी जाएगी।
PM-KISAN समेत योजनाओं का लाभ होगा आसान
Farmer ID के जरिए किसान की जमीन और फसल से संबंधित जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ी रहेगी। इससे PM-KISAN, फसल बीमा, कृषि ऋण और MSP आधारित खरीद सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से मिल सकेगा।
सरकार का उद्देश्य किसानों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करना है, ताकि अलग-अलग योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सके।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन पर प्राथमिकता
CM सैनी ने डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन के काम को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य 24 अगस्त तक पूरा करने को कहा गया है।
इन कार्यों के जरिए भूमि और फसल से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से काम में तेजी लाने को कहा है, ताकि तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का मकसद किसानों और आमजन की सुविधा बढ़ाना भी है। जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध होने से लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।
CM सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन से जुड़े काम तय समय में पूरे किए जाएं। सरकार इन व्यवस्थाओं के जरिए किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ ज्यादा आसानी से पहुंचाने पर जोर दे रही है।