परमार्थ निकेतन की अपील, सिंगल यूज प्लास्टिक बैग को किया जाए बैन

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती का कहना है कि हम लोगों को लगातार प्रदूषण को लेकर जागरूक कर रहे हैं। निकेतन सावन महीने में शिव भक्तों को कपड़े के बैग वितरित कर रहा है।


ऋषिकेश परमार्थ निकेतन ने विश्व पेपर बैग दिवस पर कांवडियों को कपड़े के बैग वितरित किए और सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करने की अपील की। प्लास्टिक बैग की जगह पर ईको फ्रेंडली बैग या कपड़े के बैग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे बढ़ते प्रदूषण का खतरा कम हो जाएगा।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती का कहना है कि हम लोगों को लगातार प्रदूषण को लेकर जागरूक कर रहे हैं। निकेतन सावन महीने में शिव भक्तों को कपड़े के बैग वितरित कर रहा है। यह बैग इको फ्रेंडली, प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल के बने होते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक से वातारण प्रदूषित होता जा रहा है।

चिदानन्द सरस्वती महाराज का कहना है कि आज पूरे विश्व में सिंगल यूज प्लास्टिक बैग का उपयोग बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। यह धरती के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। कावंड यात्रा के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के रेनकोट अत्यधिक मात्रा में उपयोग किए जा रहे हैं, जिसके के प्रति हम शिव भक्तों को लगातार जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

सिंगल यूज प्लास्टिक की बनी थैलियां और रेनकोट को एक बार उपयोग करने के बाद फेंक दिया जाता है, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। हमें आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत आधारशिला रखनी होगी। अपने ग्रह को संरक्षित रखने के लिए जनता को जागरूक करना होगा।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आगे बताया कि प्लास्टिक और पेपर बैग से बेहतर विकल्प कपड़े के बैग है। कपड़े के बैग को कॉटन से बनाया जा सकता है। इसके लिए प्लास्टिक या पेड़ों के पल्प की आवश्यकता नहीं होती। दोनों की तुलना में यह बेहतर विकल्प है। इसे इस्तेमाल करने के लिए हमें संकल्प लेना होगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए अनुकूल संसाधनों को अपनाने की जरूरत है और पेपर बैग का उपयोग करना पर्यावरण अनुकूल है।एक हरित और स्वच्छ ग्रह को बढ़ावा देने में पेपर बैग दिवस का महत्व निहित है। इस दिन हमें धरती को सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए।

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