नई दिल्ली: भारत में हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगो को समर्पित है। इस मौके पर मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने वाले सभी डॉक्टरों के योगदान को याद किया जाता है।
डॉ. बिधान के सम्मान में मनाया जाता है यह दिन
नेशनल डॉक्टर्स डे डॉ. बिधान चंद्र रॉय को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन की शुरूआत पहली बार 1 जुलाई 1991 को की गई थी। डॉ. बीसी रॉय जी का जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था। उनके साथ एक अजीब संयोग हुआ जो बहुत ही कम लोगो के साथ होता है। बीसी रॉय की मृत्यु भी उनके जन्म वाले दिन ही हुई।
बिधान रॉय का चिकित्सा में अमूल्य योगदान
डॉ. बिधान चंद्र रॉय ने चिकित्सा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया। वो एक डॉक्टर के साथ-साथ शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी भी थी। वो हमेशा कहते थे कि डॉक्टर भी सेना के जवानों की तरह ही देश की रक्षा करते हैं। डॉ. बिधान ने अपना पूरा जीवन बीमार लोगों की सेवा करने और उनकी जान बचाने में लगा दिया। उनके इस अमूल्य योगदान के लिए ही भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया।
नेशनल डॉक्टर्स डे का उद्देश्य
कहा जाता है कि डॉक्टर भगवान का रुप होते हैं। जो हमारी बीमरियों को ठीक करके हमें नया जीवन देते हैं। डॉक्टर्स चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने की लगातार कोशिश करते रहते हैं। ताकि बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस मनाने का उद्देश्य डॉक्टर्स के कर्तव्यों, महत्व और योगदान के बारे में लोगों को जागरूक करना है। यह दिन हमें चिकित्सकों के प्रति उन अहम योगदान के लिए अपना आभार व्यक्त करने का मौका देता है।हर साल राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस अलग-अलग थीम के साथ मनाई जाती है। इस बार इसकी थीम फैमिली डॉक्टर्स ऑन द फ्रंट लाइन रखा गया है।