नई दिल्लीः मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को एक महत्वपूर्ण उपहार दिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों को जल और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस (IFC) में भारी छूट की घोषणा की है। सीएम रेखा गुप्ता ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, “दिल्ली की जनता को यह उपहार दिल्ली सरकार की ओर से है।”
क्या है दिल्ली सरकार की नई नीति
दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत धार्मिक स्थलों और आयकर अधिनियम की धारा 12AB के तहत पंजीकृत संस्थानों को जल और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अलावा आम नागरिकों, कॉलोनियों और अन्य श्रेणियों के लिए भी शुल्क को सरल और कम करने के बड़े बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस पूरे प्लॉट एरिया के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक पानी की जरूरत के अनुसार लिए जाएंगे। इससे लोगों पर अनावश्यक बोझ कम होगा।
इन कॉलोनियों को 70 फीसदी छूट
रेखा गुप्ता ने कहा कि G और H श्रेणी की कॉलोनियों में 70 प्रतिशत तक छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही, बिना अतिरिक्त पानी की मांग वाले पुनर्निर्माण कार्यों पर दोबारा चार्ज नहीं लगेगा। इस फैसले का उद्देश्य दिल्ली को और अधिक निवास योग्य बनाना, प्रक्रियाओं को आसान करना और लोगों का आर्थिक बोझ घटाना है। अनधिकृत कॉलोनियों में भी स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली सरकार आम आदमी के हित में निरंतर काम कर रही है। यह छूट उन लोगों के लिए राहत है जो लंबे समय से महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस से परेशान थे।
जनकल्याण पर जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार पारदर्शिता, सरलता और जनकल्याण पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आम लोगों बल्कि छोटे व्यापारियों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को भी लाभ पहुंचाएगी। इससे नई निर्माण गतिविधियां बढ़ेंगी और दिल्ली में बेहतर जलापूर्ति व सीवर सिस्टम विकसित करने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार पहले से ही पानी और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चला रही है। हाल ही में ₹2100 करोड़ से ज्यादा के जल और सीवर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी किया गया था।
विकसित दिल्ली की दिशा में ठोस कदम
यह घोषणा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को ‘विकसित दिल्ली’ बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम है। आम जनता इस फैसले का स्वागत कर रही है और उम्मीद जता रही है कि आने वाले समय में बिजली, पानी और सीवर से जुड़ी और भी राहतें मिलेंगी। दिल्ली सरकार का यह उपहार उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो संपत्ति संबंधी कार्यों में भारी खर्च से जूझ रहे थे।