5 देशों की यात्रा के क्रम में UAE और नीदरलैंड के बाद स्वीडन पहुंचे पीएम मोदी, लड़ाकू विमानों ने किया एस्कॉर्ट

PM Modi Foreign Visits: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 5 देशों के विदेश दौरे के क्रम में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और नीदरलैंड होने के बाद रविवार को स्वीडन पहुंच गए, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। स्वीडन पहुंचने के दौरान आसमान में लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया।

क्यों 5 देशों की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री

पीएम मोदी की यह यात्रा व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, AI, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने पर केंद्रित है। नीदरलैंड्स में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया। सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फिनटेक, ब्लू इकोनॉमी और नवीकरणीय ऊर्जा पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। यूएई के साथ भारत की ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी डील शामिल है।

डच कंपनियों को भारत के लिए किया आमंत्रित

प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को भारत में डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आमंत्रित किया। नीदरलैंड्स उनकी यात्रा का सबसे भावुक क्षण था, जब डच सरकार ने भारत को प्राचीन चोल वंश से संबंधित अनैमंगलम ताम्रपत्र सौंपे। ये 30 किलोग्राम वजन वाले ताम्रपत्र राजराज चोल प्रथम के काल के हैं, जो बौद्ध विहार को भूमिदान का उल्लेख रखते हैं। यह सांस्कृतिक विरासत की वापसी भारत-नीदरलैंड्स संबंधों में नया अध्याय जोड़ती है। प्रधानमंत्री मोदी ने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात की और अफ्स्लुइटडीक डैम का दौरा कर जल प्रबंधन पर चर्चा की।

स्वीडन के साथ रक्षा सहयोग पर बड़ा फोकस

17 मई को स्वीडन पहुंचने पर गॉथेनबर्ग में प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने लाल गलीचा स्वागत किया। स्वीडन के साथ रक्षा सहयोग, खासकर साब (Saab) कंपनी के साथ कार्ल गुस्ताफ हथियार प्रणाली के विनिर्माण पर बड़ा समझौता संभव है। AI, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और व्यापार निवेश प्रमुख एजेंडे हैं। यह यात्रा भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने में मददगार साबित होगी। उनका यह दौरा भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। आगे नॉर्वे (नॉर्डिक सम्मेलन) और इटली का कार्यक्रम है। कुल मिलाकर, यह यात्रा आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई देगी।

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